UPSC CSE 2026 : देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE 2026) का प्रीलिम्स पेपर कल यानी 24 मई को आयोजित किया गया था. इस बार पेपर के पैटर्न को लेकर काफी चर्चा हो रही है. क्योंकि इस बार पेपर पिछले कई सालों की तुलना बहुत टफ था. अगर आप भी केवल तथ्यों को रटकर (Rote Learning) या आखिरी समय में करंट अफेयर्स की मैगजीन पढ़कर प्रीलिम्स निकालने का सपना देख रहे थे, तो अब संभल जाइए. यूपीएससी के बदले पैटर्न ने साफ कर दिया है कि प्रीलिम्स अब केवल मेन्स परीक्षा का गेटपास नहीं रह गया है, बल्कि इसका लेवल अब मुख्य परीक्षा (Mains) जैसा ही एनालिटिकल (Analytical) हो चुका है.
क्रैश कोर्स का जमाना गया, एथिक्स की भी एंट्री
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस बार का पेपर पिछले कई सालों के मुकाबले सबसे कठिन था. सबसे चौंकाने वाला बदलाव यह रहा कि प्रीलिम्स के पेपर में एथिक्स (Ethics) के सवाल भी देखने को मिले, जो आमतौर पर मेन्स (GS Paper 4) का हिस्सा होते हैं. परीक्षा में दो प्रश्न एथिक्स से जुड़े थे, जो काफी लंबे और उलझाने वाले थे.
इसके अलावा, करेंट अफेयर्स का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला, जिससे जुड़े करीब 28 प्रश्न पूछे गए. इसका सीधा मतलब यह है कि अब 6 से 7 महीने के क्रैश कोर्स से काम नहीं चलने वाला. अब उम्मीदवारों को कम से कम 1 से डेढ़ साल के करंट अफेयर्स की गहन तैयारी करनी होगी.
मेन्स की तरह करनी होगी तैयारीनए पैटर्न ने यह साबित कर दिया है कि प्री और मेन्स की अलग-अलग तैयारी करने का दौर अब खत्म हो चुका है. अब छात्रों को पहले दिन से हीप्री और मेन्स की कंबाइंड तैयारी करनी होगी. जब तक आप किसी विषय को गहराई से नहीं समझेंगे, तब तक प्रीलिम्स के बदलते बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) को हल करना नामुमकिन होगा.
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