विज्ञापन

UP शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही: 5 साल पहले मर चुकीं दो महिला टीचर्स का कर दिया प्रमोशन, मचा हड़कंप!

NDTV को मिली लिस्ट के मुताबिक 26 मई को इन सभी को बीएसए, डायट में वरिष्ठ प्रवक्ता, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं समकक्ष पदों पर पदोन्नति के आदेश जारी कर दिए गए. हालांकि इस लिस्ट में एक बड़ी चूक सामने आई.

UP शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही: 5 साल पहले मर चुकीं दो महिला टीचर्स का कर दिया प्रमोशन, मचा हड़कंप!
वहीं, पदोन्नति आदेश जारी होने के दो हफ्ते से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक तैनाती की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है.

शिक्षा विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड सत्यापन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है. प्रदेश में पांच साल पहले मृत हो चुकी दो शिक्षिकाओं को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और समकक्ष पदों पर पदोन्नति दे दी गई. इतना ही नहीं इस पदोन्नति को विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) ने भी मंजूरी दे दी. जानकारी के अनुसार शिक्षा निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर 16 और 17 अप्रैल को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) में विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक आयोजित हुई थी. इस बैठक में निरीक्षण शाखा (खंड शिक्षाधिकारी) के 164, महिला शाखा के 159 और पुरुष शाखा के 167 शिक्षकों की पदोन्नति को मंजूरी दी गई.

क्या है मामला 

NDTV को मिली लिस्ट के मुताबिक 26 मई को इन सभी को बीएसए, डायट में वरिष्ठ प्रवक्ता, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं समकक्ष पदों पर पदोन्नति के आदेश जारी कर दिए गए. हालांकि इस  लिस्ट में एक बड़ी चूक सामने आई. महिला शाखा की सूची में क्रम संख्या 19 (वरिष्ठता संख्या 662) पर दर्ज सुनील लता और क्रम संख्या 47 (वरिष्ठता संख्या 696A) पर दर्ज सुमन कुमारी का नाम शामिल था जबकि दोनों का निधन साल 2021 में ही हो चुका था यानी दोनों शिक्षिकाओं के निधन होने के पांच साल बाद उन्हें पदोन्नति दे दी गई. इस आदेश के बाद हड़कंप मचा हुआ है.

बताया जा रहा है कि सुनील लता ने 11 जनवरी 1997 को राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था. उनका निधन 29 अप्रैल 2021 को हो गया था. अयोध्या में रह रहे उनके पति ब्रजेश चंद्र लाल वर्तमान में पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं. वहीं सुमन कुमारी जो हरदोई जिले के राजकीय हाईस्कूल अर्न्धरा में प्रधानाध्यापिका थी और उनका निधन 27 मार्च 2021 को सेवाकाल के दौरान ही हो गया था. उनके बेटे जय प्रकाश पाल को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी भी दी जा चुकी है. इसके बावजूद इन दोनों मृत शिक्षिकाओं का नाम पदोन्नति सूची में शामिल होना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है. खास बात यह है कि DPC बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए थे. 

इस मामले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कहा है कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जाएगी. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, पदोन्नति आदेश जारी होने के दो हफ्ते से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक तैनाती की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. कई अधिकारी सेवानिवृत्ति के करीब है और अपनी नई तैनाती का इंतजार कर रहे है. इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली और डेटा सत्यापन प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए है.

यह भी पढ़ें- Bihar Sipahi bharti Exam को लेकर CSBC सख्त, मोबाइल और पेन पर लगाई रोक, जान लें क्या है नई Guideline

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com