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Sarkari Naukri: रेलवे में स्टेशन मास्टर कैसे बनें? जानें योग्यता, सिलेक्शन प्रोसेस, सैलरी और मिलने वाली सुविधाएं

रेलवे में स्टेशन मास्टर बनने के लिए योग्यता, सिलेक्शन प्रोसेस, परीक्षा पैटर्न, शुरुआती सैलरी और मिलने वाली शानदार सरकारी सुविधाओं की पूरी जानकारी यहां.

Sarkari Naukri: रेलवे में स्टेशन मास्टर कैसे बनें? जानें योग्यता, सिलेक्शन प्रोसेस, सैलरी और मिलने वाली सुविधाएं
आधिकारिक नोटिफिकेशन और आगामी भर्तियों की जानकारी के लिए आप भारतीय रेलवे की ऑफिशियल वेबसाइट indianrailways.gov.in पर जाकर समय-समय पर चेक कर सकते हैं.

Staion master selection Process : भारतीय रेलवे में नौकरी पाना लाखों युवाओं का सपना होता है. रेलवे की सबसे प्रतिष्ठित और जिम्मेदार नौकरियों में से एक है स्टेशन मास्टर (Station Master). अगर आप भी रेलवे में एक सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो स्टेशन मास्टर का पद आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. लेकिन इससे पहले जान लीजिए, इससे जुड़ी डिटेल्स एग्जाम पैटर्न क्या होता है और इसमें कितनी सैलरी व सुविधाएं मिलती हैं.

स्टेशन मास्टर बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए?

एजुकेशन क्वालिफिकेशन

उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन होनी चाहिए. चाहे आपने BA, BSc, BCom, BTech या कोई भी डिग्री ली हो, आप इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं.

आयु सीमा 

वहीं, आयु सीमा की बात करें तो जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 18 से 32 वर्ष के बीच होती है. आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलती है.

सिलेक्शन प्रोसेस क्या है?

रेलवे भर्ती बोर्ड अपनी NTPC (Non-Technical Popular Categories) परीक्षा के जरिए स्टेशन मास्टर के पदों पर भर्ती करता है. इसका सिलेक्शन प्रोसेस 4 स्टेप्स में पूरा होता है-

CBT  मोड एग्जाम 1

यह केवल क्वालिफाइंग राउंड होता है. इसमें 100 अंकों का एक ऑब्जेक्टिव पेपर होता है, जिसमें जनरल अवेयरनेस, मैथ्स और रीजनिंग से सवाल पूछे जाते हैं. इसके नंबर फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ते.

CBT मोड एग्जाम 2 

इसके अंक फाइनल मेरिट में जुड़ते हैं. CBT-1 पास करने वाले उम्मीदवार इसमें बैठते हैं. यह परीक्षा 120 अंकों की होती है. इसमें मिले नंबर ही आपकी नौकरी पक्की करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं.

CBAT - कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट

इसे सायको टेस्ट भी कहते हैं. इसमें उम्मीदवार की मानसिक सतर्कता, काम करने की क्षमता और क्विक डिसीजन लेने की क्षमता को परखा जाता है.

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट

सभी एग्जाम पास करने के बाद आपके दस्तावेजों की जांच होती है. इसके बाद एक कड़ा मेडिकल टेस्ट होता है, जिसमें आंखों की रोशनी का सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाता है क्योंकि स्टेशन मास्टर का काम ट्रेनों के सुरक्षित संचालन से जुड़ा होता है.

 स्टेशन मास्टर को कितनी सैलरी मिलती है?

स्टेशन मास्टर का पद 7वें वेतन आयोग के तहत पे लेवल-6 में आता है.

बेसिक पे  35,400 प्रति महीना. बेसिक पे के साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ता (TA) मिलाकर शुरुआती ग्रॉस सैलरी लगभग 55,000 से 65,000 प्रति महीना तक बनती है.

कौन-कौन सी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं?

पैसों के अलावा, इस पद पर मिलने वाली सुविधाएं युवाओं को सबसे ज्यादा आकर्षित करती हैं:

  • फ्री मेडिकल

  • फ्री रेलवे पास
  • आवास सुविधा
  • बच्चों की पढ़ाई

स्टेशन मास्टर का काम क्या होता है?

एक स्टेशन मास्टर अपने अलॉटेड रेलवे स्टेशन का मुखिया होता है. उसका काम ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही को संभालना, स्टेशन की साफ-सफाई, यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन पर अनुशासन बनाए रखना होता है. यह एक बड़ी जिम्मेदारी और रूतबे वाला पद है.

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