झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में धांधली को लेकर हजारों की संख्या में छात्र रांची में प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार से बाचतीत के दौरान तमाम मुद्दों पर तो बात बनती दिख रही है, लेकिन JSSC CGL परीक्षा पर पेंच फंस चुका है. यही वजह है कि छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए कूच किया और इस दौरान उन पर वाटर कैनन का भी इस्तेमाल हुआ. ऐसे में आइए जानते हैं कि JSSC CGL परीक्षा को लेकर क्या विवाद है और ये परीक्षा कब हुई थी? साथ ही ये भी जानेंगे कि JPSC के बाद इस परीक्षा को रद्द कराने लेकर छात्र क्यों अड़े हुए हैं.
2017 से शुरू हुआ पूरा मामला
JSSC CGL भर्ती का मामला नया नहीं है, ये भर्ती परीक्षा पिछले करीब 10 सालों से विवादों में है. झारखंड में JSSC CGL भर्ती के तहत करीब दो हजार पदों पर भर्ती निकाली गई थी, जिसके लिए 2017 में परीक्षा भी हुई. हालांकि परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो गया और आरोप लगे कि पास कराने के लिए लाखों रुपये की रिश्वत ली गई. तब भी भारी बवाल हुआ था और आखिरकार परीक्षा को रद्द करना पड़ा.
2024 में दो बार परीक्षा
JSSC CGL भर्ती परीक्षा रद्द होने के बाद कई बार इसकी नई तारीखें घोषित हुईं, लेकिन परीक्षा 2024 में जाकर हुई. 28 जनवरी 2024 को एक बार फिर तमाम पदों के लिए ये परीक्षा हुई, जिसमें लाखों उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया, लेकिन विंडबना देखिए कि फिर से पेपर लीक हो गया और कौड़ियों के दाम पेपर बेचे गए. अभ्यर्थियों के भारी विरोध के बाद फिर से परीक्षा रद्द हुई और SIT जांच की बात कही गई.
हर तरफ हो रही फजीहत के बाद आयोग ने एक बार फिर इसी साल यानी 2024 में भर्ती की डेट निकाली. 21 और 22 सितंबर 2024 को फिर से ये परीक्षा आयोजित हुई, इस दौरान पेपर लीक से बचने के लिए पूरे राज्य में इंटरनेट बंद कर दिया गया. परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पहले से ही आंसर की वायरल हो रही थी. हालांकि इस बार सरकार ने तमाम आरोपों को खारिज कर दिया और एग्जाम को क्लीन चिट मिल गई. ये भर्ती परीक्षा 2,025 पदों के लिए थी.
JPSC के साथ छात्रों को मिल गया मौका
झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा को लेकर शुरू हुए बवाल के बाद अब 2024 की JSSC CGL भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को भी अपनी आवाज उठाने का मौका मिल गया है. भले ही 2025 में झारखंड सरकार ने इस भर्ती को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि पेपर लीक से एग्जाम निकालने वाले अभय तिवारी जैसे लोग इस परीक्षा में शामिल थे, ऐसे में परीक्षा को रद्द करने की मांग हो रही है. हालांकि सरकार ने ऐसा करने से फिलहाल इनकार कर दिया है.
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