राजस्थान के युवाओं के लिए कुछ सरकारी भर्तियों में राहत भरी खबर आने के आसार बन रहे हैं. राजस्थान सरकार 4200 ग्रेड–पे तक की सरकारी भर्तियों में इंटरव्यू की अनिवार्यता खत्म करने पर विचार कर रही है. इस बारे में हाल ही में कार्मिक विभाग में सुगबुगाहट दिखी है. इसके साथ ही विधि विभाग भी इसके अलग–अलग पहलुओं का परीक्षण कर रहा है. विधि विभाग की राय के बाद ही सरकार इस पर कोई अंतिम फैसला लेगी. दरअसल पिछले कुछ समय से भारती परीक्षाओं में बैठने वाले अभ्यर्थी सब–इंस्पेक्टर और इसके समकक्ष दूसरी परीक्षाओं की भर्ती प्रक्रिया से इंटरव्यू हटाने की मांग कर रहे थे. इन लोगों का कहना था कि ऐसी परीक्षाओं में इंटरव्यू से धांधली और पक्षपात होने की आशंका भी रहती है. राजस्थान के विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा है कि सरकार पूरे मामले का परीक्षण कर रही है और जो निर्णय सभी के हित में होगा, वही लिया जाएगा.
दरअसल केंद्र सरकार साल 2016 में 4200 ग्रेड-पे तक और कुछ मामलों में तो उससे ऊपर की कई भर्तियों से इंटरव्यू की 'व्यवस्था खत्म' कर चुकी है. इसके बाद हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा समेत 23 राज्यों ने भी इस पर काम करते हुए नॉन गैजेटेड पदों पर भर्ती में इंटरव्यू की अनिवार्यता खत्म कर दी.
इसी संदर्भ में राजस्थान में भी कुछ समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी अधीनस्थ सेवाओं की भर्तियों में इंटरव्यू खत्म करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह लिखित परीक्षा और मेरिट के आधार पर होनी चाहिए, जिससे पारदर्शिता बढ़े और पक्षपात या भ्रष्टाचार की आशंकाएं कम हों.
16 पदों की भर्तियों पर पड़ेगा असर
यदि सरकार प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो अधीनस्थ सेवाओं की तकरीबन 16 पदों की भर्तियों पर इसका असर पड़ेगा. इनमें सबसे महत्वपूर्ण है सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा. साल 2021 की सब–इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के साथ ही इस परीक्षा के टॉपर्स, उनके इंटरव्यू और मार्किंग को लेकर भी कई सवाल उठे थे.
अगर इंटरव्यू से राहत मिलती है तो सब इंस्पेक्टर के साथ ही प्लाटून कमांडर, डिप्टी जेलर, तहसीलदार, देवस्थान, सहकारिता, आबकारी, उद्योग, खाद्य एवं आपूर्ति, बाल विकास, सामाजिक न्याय, अल्पसंख्यक, श्रम कल्याण, राज्य कृषि विपणन विभाग सहित कॉलेज और संस्कृत शिक्षा विभाग के सहायक आचार्य, लाइब्रेरियन, पीटीआई, कनिष्ठ विधि अधिकारी और विधि रचनाकार जैसे पद इसमें शामिल हो सकते हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर
Photo Credit: NDTV
क्या RAS और राज्य सेवा से अलग होगी अधीनस्थ सेवा के पदों की भर्तियां?
4200 ग्रेड–पे तक भर्तियों में अगर इंटरव्यू की अनिवार्यता खत्म की जाती है, तो एक सवाल यह भी होगा कि आबकारी, सहकारिता वाणिज्यक कर, जैसे विभागों के साथ तहसीलदार जैसे पद पर होने वाली भर्तियों का क्या होगा? अभी तक तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत आबकारी और दूसरे कई विभागों के कुछ पदों पर राज्य अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा के जरिए RPSC चयन करती है.
ग्रेड–पे के लिहाज से बात करें तो 3600 कि ग्रेड तक के कई पद राज्य सेवा के जरिए लिखित और इंटरव्यू के जरिए मेरिट के आधार पर भरे जाते हैं. फिलहाल राज्य सेवा और उसकी अधीनस्थ भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में इंटरव्यू की अनिवार्यता है. ऐसे में सवाल यह भी है क्या केवल कुछ ही पदों के लिए इंटरव्यू हटाने का प्रावधान निकाला जा सकेगा?
ये भी पढ़ें-: राजस्थान पुलिस में 'यंग प्रोफेशनल्स' भर्ती की बढ़ गई तारीख, 12 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं