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अनुसूचित जाति और ओबीसी छात्रों के लिए बड़ी राहत, सरकार कराएगी मुफ्त कोचिंग

ये योजना अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और पीएम केयर चिल्ड्रन स्कीम के स्टूडेंट्स को ध्यान में रखकर चलाई जा रही है, ताकि पैसों की कमी उनके फ्यूचर के रास्ते में रुकावट न बने.

अनुसूचित जाति और ओबीसी छात्रों के लिए बड़ी राहत, सरकार कराएगी मुफ्त कोचिंग
फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के दौरान इस योजना के तहत कई सेंट्रल यूनिवर्सिटी को करोड़ों रुपये की फंडिंग दी गई है.

Free coaching scheme by govt :  आज के समय में कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करना आसान काम नहीं है. ऊपर से महंगी कोचिंग फीस कई टैलेंटेड स्टूडेंट्स के सपनों के बीच दीवार बनकर खड़ी हो जाती है. खासतौर पर उन छात्रों के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड से आते हैं. ऐसे में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ये फ्री कोचिंग योजना किसी सपोर्ट सिस्टम से कम नहीं है. ये योजना अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और पीएम केयर चिल्ड्रन स्कीम के स्टूडेंट्स को ध्यान में रखकर चलाई जा रही है, ताकि पैसों की कमी उनके फ्यूचर के रास्ते में रुकावट न बने.

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के जरिए मिल रही फ्री कोचिंग

ये फ्री कोचिंग योजना डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन के जरिए देश की 19 लिस्टेड सेंट्रल यूनिवर्सिटी में लागू की जा रही है. इन यूनिवर्सिटी में बने डॉ. अंबेडकर एक्सीलेंस सेंटर में स्टूडेंट्स को यूपीएससी, एसएससी, बैंकिंग और दूसरी कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कराई जाएगी है. यहां पढ़ाई के साथ-साथ सही गाइडेंस और स्टडी मटेरियल भी दिया जाएगा. जिससे स्टूडेंट्स को बाहर की महंगी कोचिंग जॉइन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. एससी और ओबीसी स्टूडेंट्स का सेलेक्शन यूनिवर्सिटी अपनी स्क्रीनिंग प्रोसेस से करती हैं. जबकि पीएम केयर चिल्ड्रन स्कीम के बेनिफिशियरी को इसमें सीधी एंट्री मिलती है.

2024-25 में सैकड़ों स्टूडेंट्स को मिला फायदा

फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के दौरान इस योजना के तहत कई सेंट्रल यूनिवर्सिटी को करोड़ों रुपये की फंडिंग दी गई है. बीएचयू वाराणसी, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी और एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स इस फ्री कोचिंग का फायदा उठा रहे हैं. इन सेंटर से पढ़ने वाले कई छात्र अब ज्यादा कॉन्फिडेंस के साथ अपनी तैयारी में जुटे हैं. कुछ यूनिवर्सिटी से प्रपोजल नहीं आने की वजह से वहां ये योजना शुरू नहीं हो पाई. लेकिन विभाग लगातार फॉलोअप कर रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स तक ये सुविधा पहुंच सके. योजना का सही तरीके से प्रमोशन हो, फंड समय पर रिलीज हों और उनका सही यूज हो, इसके लिए मंत्रालय एडवर्टाइजमेंट, सोशल मीडिया कैंपेन और रेगुलर रिव्यू मीटिंग्स जैसे कई कदम उठा रहा है. 

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