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AI के दौर में भी इन नौकरियों की रहेगी मौज, इकोनॉमिक सर्वे ने बताया कैसे रहेंगी सेफ

Eeconomic Survey: इकोनॉमिक सर्वे पेश करते हुए मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने साफ कहा कि अभी तक के आंकड़े किसी भी तरह की ‘AI से नौकरी खत्म होने के खतरे’ की ओर इशारा नहीं करते हैं.

AI के दौर में भी इन नौकरियों की रहेगी मौज, इकोनॉमिक सर्वे ने बताया कैसे रहेंगी सेफ
इन नौकरियों पर AI का भी नहीं होगा असर

Eeconomic Survey: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर लोगों के मन में सबसे बड़ा डर यही है कि कहीं मशीनें इंसानों की नौकरियां न छीन लें. खासकर युवाओं में ये चिंता लगातार बढ़ रही है. लेकिन संसद में पेश हुए इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने इस डर को काफी हद तक दूर करने की कोशिश की है. सर्वे के मुताबिक भारत जैसे श्रम प्रधान देश में AI नौकरी खत्म नहीं करेगा. बल्कि कई सेक्टर्स में नए मौके भी पैदा करेगा.

AI से नहीं आएगी ‘जॉब अपोकैलिप्स'

इकोनॉमिक सर्वे पेश करते हुए मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने साफ कहा कि अभी तक के आंकड़े किसी भी तरह की ‘AI से नौकरी खत्म होने के खतरे' की ओर इशारा नहीं करते. खासतौर पर भारत जैसी स्किल बेस्ड और युवाओं से भरी अर्थव्यवस्था में AI इंसानों की जगह लेने से ज्यादा उनकी एफिशियंसी बढ़ाने का काम करेगा. सर्वे मानता है कि AI कुछ रूटीन और दोहराए जाने वाले काम जरूर ऑटोमेट कर सकता है. लेकिन बड़े पैमाने पर नौकरियां जाने का डर फिलहाल नहीं है.

भारत के लिए स्किल डेवलपमेंट क्यों जरूरी

रिपोर्ट के मुताबिक भारत को अपने डेमोग्राफिक डिविडेंड का फायदा उठाने के लिए हर साल करीब 80 लाख नई नौकरियां पैदा करनी होंगी. इसके लिए एजुकेशन, स्किल ट्रेनिंग और री-स्किलिंग पर खास ध्यान देना जरूरी है. सरकार और समाज को सिर्फ व्हाइट कॉलर जॉब्स पर फोकस करने के बजाय तकनीकी और प्रोफेशनल स्किल्स को भी सीखने पर जोर देना होगा.

ये नौकरियां रहेंगी AI से पूरी तरह सेफ

इकोनॉमिक सर्वे ने कुछ ऐसी नौकरियों की पहचान की है. जिन पर AI का असर ना के बराबर होगा. क्योंकि इनमें ह्यूमन इंटेलिजेंस, इमोशन्स और एक्सपीरियंस सबसे अहम हैं.

1. देखभाल और हेल्थ सेक्टर
बुजुर्गों की देखभाल, नर्सिंग, मेंटल हेल्थ काउंसलिंग, सोशल वर्क और मरीजों से जुड़ी सेवाएं AI नहीं संभाल सकता. इनमें ह्यूमन इमोशन्स जरूरी हैं.

2. एजुकेशन और स्पेशल ट्रेनिंग
अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन, स्पेशल नीड्स टीचिंग और मेंटरिंग जैसे रोल्स पूरी तरह ह्यूमन बेस्ड रहेंगे.

3. हैंड्स ऑन और टेक्निकल काम
प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, कंस्ट्रक्शन वर्कर, रिपेयर और मेंटेनेंस जैसे काम अलग अलग कंडिशन्स में होते हैं. जहां मशीनें फेल हो जाती हैं.

4. क्रिएटिव और लीडरशिप रोल
कलिनरी आर्ट्स, बेकिंग, आर्टिसन वर्क, लीडरशिप और AI गवर्नेंस जैसे फील्ड्स में क्रिएटिव थिंकिंग और इनोवेशन जरूरी है. जो AI के बस से बाहर है.

अमेरिका-यूरोप छोड़कर अब भारत पढ़ने आएंगे दुनिया भर के छात्र, इकोनॉमिक सर्वे का बड़ा संकेत

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Mukesh Kumar Baurai
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