दिल्ली में काम करने वालीं आशा वर्कर्स के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने आशा वर्करों के लिए तय मासिक प्रोत्साहन भत्ता 3,000 से बढ़ाकर 6,000 रुपये करने का फैसला किया. यानी वेतन को सीधा दोगुना कर दिया गया है. ये बढ़ोतरी दिल्ली में अभी काम कर रही सभी आशा वर्करों पर लागू होगी. इसके अलावा बाकी प्रोत्साहन भत्ते पहले की तरह ही मिलते रहेंगे. पिछले कुछ वक्त से आशा वर्कर्स लगातार अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग कर रही थीं, जिसके बाद अब उन्हें सरकार की तरफ से ये तोहफा मिला है.
सीएम ने कही ये बात
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आशा वर्कर दिल्ली की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं. वे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के लिए घरों का दौरा करती हैं, परिवारों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करती हैं और गर्भवती महिलाओं व नई माताओं की देखभाल से जुड़ी सेवाओं में मदद करती हैं. वे स्वास्थ्य और पोषण दिवस, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों, सर्वेक्षणों और सामुदायिक बैठकों में भी अहम भूमिका निभाती हैं. कोविड-19 महामारी के दौरान भी आशा वर्करों ने महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं. दिल्ली में अभी 6,725 आशा वर्कर काम कर रही हैं. आमतौर पर, हर आशा वर्कर लगभग 2,000 लोगों या 400 परिवारों से जुड़ी होती है.
सरकार के एजेंडे में था मुद्दा
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार आशा वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर लगातार चर्चा कर रही थी. ये सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल था और अब इस पर फैसला ले लिया गया है. उन्होंने कहा कि मासिक प्रोत्साहन भत्ते में बढ़ोतरी आशा वर्करों के योगदान को मान्यता देने और उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे उनके काम के प्रति उत्साह बढ़ेगा और उन्हें अपनी सेवाएं जारी रखने में मदद मिलेगी. साथ ही, इससे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार आशा वर्करों के योगदान को मान्यता देते हुए उनकी आर्थिक सुरक्षा और काम करने की स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. आशा वर्कर घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, टीकाकरण को बढ़ावा देने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग देकर जरूरी भूमिका निभाती हैं. उनके मासिक प्रोत्साहन भत्ते में बढ़ोतरी से उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक उत्साह और समर्पण के साथ निभाने में मदद मिलेगी. इससे उनका मनोबल बढ़ेगा, उनकी सेवाओं में निरंतरता आएगी, और दिल्ली में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी.
ये भी पढे़ं - PG और किराए की टेंशन होगी खत्म, 10 हजार छात्रों के लिए हॉस्टल बनाएगी दिल्ली सरकार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं