Delhi Student Hostel : दिल्ली सरकार ने राजधानी में पढ़ने वाले छात्रों के लिए 10 हजार क्षमता वाले हॉस्टल बनाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन हॉस्टलों का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराना है. प्रस्तावित हॉस्टल छात्र और छात्राओं, दोनों के लिए होंगे.
दिल्ली के कॉलेज-यूनिवर्सिटी के छात्रों को मिलेगा लाभमुख्यमंत्री के मुताबिक, दिल्ली के किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज में नामांकित छात्र इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे. सरकार ने हॉस्टल निर्माण के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठकें की हैं और उपयुक्त स्थानों की पहचान का काम भी शुरू कर दिया है. इस योजना के लिए नीति तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है.
हॉस्टल में जरूरी सुविधाओं पर भी ध्यानसरकार का कहना है कि हॉस्टल तैयार करते समय छात्रों की जरूरतों और आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखा जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आवास विकसित किए जाएंगे, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली आने वाले छात्र सुरक्षित माहौल में रह सकें और उन्हें भोजन और रहने की चिंता न हो.
पहले चरण में 10 हजार छात्रों को सुविधाInitially, 10,000 students will be provided fully equipped hostel facilities by our government, and work towards this is already underway.
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) September 15, 2026
Every student who comes to Delhi carries a dream in their eyes, years of hard work behind them and the hopes of a family back home. Our… pic.twitter.com/pI7BNOIaqN
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के माध्यम से बताया कि सरकार की योजना के शुरुआती चरण में 10 हजार छात्रों को पूरी तरह सुविधायुक्त हॉस्टल उपलब्ध कराने की है. उन्होंने कहा कि इस दिशा में काम पहले ही शुरू किया जा चुका है.
छात्रों की सुरक्षा पर सरकार का जोरमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली आने वाला हर छात्र अपने साथ पढ़ाई और बेहतर भविष्य का सपना लेकर आता है. सरकार का प्रयास है कि उन्हें ऐसा सुरक्षित और सहयोगी वातावरण मिले, जहां वे बिना आवास से जुड़ी परेशानियों के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें.
हादसों के बीच सामने आई पहलयह घोषणा राजधानी में छात्रों के आवास और सुरक्षा से जुड़े सवालों के बीच हुई है. सत्य निकेतन में पीजी में रह रहे छात्रों से जुड़े हादसे के बाद सुरक्षित छात्र आवास की जरूरत को लेकर चिंता सामने आई थी. सरकार की ओर से शुरू की गई यह पहल इसी व्यापक सुरक्षा और आवास व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक कदम के तौर पर देखी जा रही है.
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