विज्ञापन

BPSC 72nd Combined Examination 2026 : लाइव सीसीटीवी और स्मार्ट लॉकर से होगी निगरानी, जानें OMR शीट का नया 'Option E'

फाइनल कट-ऑफ स्कोर-मुख्य परीक्षा के तीन अनिवार्य पेपर (300 + 300 + 300 = 900 अंक) और साक्षात्कार (120 अंक) को मिलाकर कुल 1020 अंकों के आधार पर ही अंतिम मेधा सूची (Final Merit) तैयार की जाएगी.

BPSC 72nd Combined Examination 2026 : लाइव सीसीटीवी और स्मार्ट लॉकर से होगी निगरानी, जानें OMR शीट का नया 'Option E'
 मेन्स में अब 300 अंकों का एक निबंध का पेपर जोड़ा गया है, जिसके अंक मेरिट लिस्ट में जुड़ते हैं. ​

BPSC 72nd Combined Examination 2026 : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आगामी 72वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए अपनी प्रशासनिक तैयारियों और परीक्षा प्रणाली में कई ऐतिहासिक बदलाव किए हैं. आयोग ने परीक्षा को लेकर अधिसूचना जरी कर दिया हैं. 26 जुलाई को बिहार में 72वीं परीक्षा का आयोजन होने जा रहा है. प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से लेकर परीक्षा के आयोजन और अंक निर्धारण तक के सभी नए नियमों की आयोग ने तैयार किए हैं, तो आइए जानते हैं क्या बदलाव हुए हैं.

​1. परीक्षा कब और कैसे होगी? 

​परीक्षा की तिथि

72वीं बीपीएससी प्रिलिम्स (प्रारंभिक) परीक्षा का आयोजन 26 जुलाई 2026 को किया जाएगा.

​समय और शिफ्ट

यह परीक्षा दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक केवल एक ही शिफ्ट में संपन्न होगी.

​परीक्षा का माध्यम

प्री एग्जाम पूरी तरह से ऑफलाइन मोड में होगी, जिसमें उम्मीदवारों को ओएमआर (OMR) शीट पर सही उत्तर के गोले भरने होंगे.

2.​ इस बार बीपीएससी ने प्रशासनिक मुस्तैदी में बड़े बदलाव किए हैं 

परीक्षा से 14 घंटे पहले लॉक होगी कर्मियों की लिस्ट. जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने में मदद मिलेगी. ​परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की स्थानीय मिलीभगत या साठगांठ को रोकने के लिए आयोग ने एक सख्त समय-सीमा तय की है.

​14 घंटे पहले सूची भेजना अनिवार्य किया गया है. परीक्षा केंद्रों पर तैनात होने वाले केंद्र अधीक्षकों, सहायक अधीक्षकों, इनविजिलेटर्स (Invigilators) और अन्य प्रशासनिक स्टाफ की अंतिम और स्वीकृत सूची परीक्षा शुरू होने से ठीक 14 घंटे पहले पूरी तरह लॉक करके आयोग के पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी.

कुछ देर पहले बताया जाएगा परीक्षा हॉल

ड्यूटी पर तैनात इनविजिलेटर को एग्जाम शुरू होने के कुछ समय पहले ही यह बताया जाएगा कि उन्हें किस परीक्षा हॉल में जाना है, जिससे पहले से कोई सेटिंग न की जा सके.

सीसीटीवी से कड़ी निगरानी

​परीक्षा की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आयोग ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं,. मुख्यालय से सीसीटीवी की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी.परीक्षा केंद्रों के सभी क्लासरूम, कॉरिडोर, मुख्य प्रवेश द्वारों और संवेदनशील स्थानों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए जाएंगे.

इन कैमरों की लाइव फीड (Live Webcasting) सीधे पटना स्थित बीपीएससी मुख्यालय के विशेष कंट्रोल रूम में प्रसारित होगी, जहां से वरिष्ठ अधिकारी हर गतिविधि पर लाइव नजर रखेंगे.

​कैंडिडेट के सामने प्रश्नपत्र खोलना

पेपर लीक की गुंजाइश को खत्म करने के लिए प्रश्नपत्रों के सीलबंद बॉक्स सीधे परीक्षा हॉल में उम्मीदवारों के सामने ही लाए जाते हैं और उनकी मौजूदगी में ही बॉक्स की डिजिटल या फिजिकल सील खोली जाती है.

​जीपीएस ट्रैकिंग और स्मार्ट लॉकर का इस्तेमाल क्वेश्चन पेपर को लाने-ले जाने के लिए जीपीएस (GPS) से लैस सुरक्षित वाहनों का उपयोग किया जाता है. इनके बॉक्स में स्मार्ट डिजिटल लॉक लगे होते हैं, जो केवल तय समय और तय लोकेशन पर ही अनलॉक हो सकते हैं.

​बायोमेट्रिक और फेशियल रिकग्निशन 

फर्जी उम्मीदवारों के प्रवेश को रोकने के लिए परीक्षा केंद्र पर हर अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन और चेहरे की पहचान अनिवार्य की गई है.

​हाई-फ्रीक्वेंसी जैमर

मोबाइल, ब्लूटूथ या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए होने वाली आधुनिक नकल को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे.

​कठोर कानूनी कार्रवाई 

यदि कोई उम्मीदवार चोरी या नकल में लिप्त पाया जाता है, तो उसे बिहार परीक्षा कदाचार निवारण अधिनियम के तहत जेल भेजने के साथ-साथ बीपीएससी की सभी आगामी परीक्षाओं के लिए हमेशा के लिए प्रतिबंधित (Blacklist) कर दिया जाएगा.

​4.परीक्षा पैटर्न में किए गए बड़े बदलाव

प्रीलिम्स​1/3 नेगेटिव मार्किंग

प्रिलिम्स परीक्षा में अब प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 (One-Third) अंक काटे जाएंगे (यानी 3 गलत उत्तरों पर 1 सही उत्तर के बराबर अंक का नुकसान).

OMR शीट में 'Option E' का नियम

अगर अभ्यर्थी को किसी सवाल का जवाब नहीं पता है, तो वह उस गोले को खाली नहीं छोड़ सकता. ओएमआर शीट में इसके लिए Option (E) - "Not Attempted" दिया गया है.

​सवाल छोड़ने के लिए E गोले को रंगना होगा (इसपर कोई पेनल्टी नहीं होगी).

अगर उम्मीदवार कोई भी गोला (A, B, C, D या E) नहीं भरता और उसे पूरी तरह खाली छोड़ देता है, तो इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग काट ली जाएगी.

​इंटीग्रेटेड एग्जाम

इस तरह की विभिन्न परीक्षाओं के लिए अब एक ही कॉमन प्रिलिम्स परीक्षा आयोजित की जाती है.

मेन्स

​मूल्यांकन में स्केलिंग और नॉर्मलाइजेशन की समस्या को समाप्त करने के लिए मेन्स परीक्षा के अंकों का प्रारूप बदला गया है. अब मुख्य परीक्षा कुल 1100 अंकों की होती है, लेकिन फाइनल मेरिट लिस्ट केवल 900 अंकों के आधार पर बनती है.

​निबंध (Essay) का अनिवार्य पेपर

 मेन्स में अब 300 अंकों का एक निबंध का पेपर जोड़ा गया है, जिसके अंक मेरिट लिस्ट में जुड़ते हैं. ​

Optional Subject केवल क्वालीफाइंग

वैकल्पिक विषय की असमानता को दूर करने के लिए अब इसे सिर्फ क्वालीफाइंग बना दिया गया है. यह पेपर 100 अंकों का होता है और इसमें वर्णनात्मक के बजाय MCQs क्वेश्चन पूछे जाते हैं. इसके अंक फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ते.

फाइनल मेरिट लिस्ट का अंक गणित

​उम्मीदवारों का लास्ट सिलेक्शन निम्नलिखित मेन एग्जाम और साक्षात्कार के अंकों को मिलाकर तैयार की गई मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा.

फाइनल कट-ऑफ स्कोर-मुख्य परीक्षा के तीन अनिवार्य पेपर (300 + 300 + 300 = 900 अंक) और साक्षात्कार (120 अंक) को मिलाकर कुल 1020 अंकों के आधार पर ही फाइनल मेरिट लिस्ट (Final Merit) तैयार की जाएगी.

यह भी पढ़ें- Re-NEET 2026 की फाइनल आंसर की कभी भी आ सकती है, एप्लिकेशन नंबर के साथ रहें तैयार


 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com