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अयोध्या के राम मंदिर में कैसे मिलती है नौकरी? जान लीजिए पूरा प्रोसेस

Ram Mandir Staff Recruitment Process: अयोध्या राम मंदिर में हालिया चढ़ावा चोरी विवाद और बड़े प्रशासनिक इस्तीफों के बीच जानिए यहां नौकरी पाने के लिए कैसे अप्लाई करना पड़ता है. किन पदों पर भर्ती होती है और सैलरी कितनी मिलती है.

अयोध्या के राम मंदिर में कैसे मिलती है नौकरी? जान लीजिए पूरा प्रोसेस
मंदिर के भंडार घर, दानपात्रों की गिनती और दैनिक व्यवस्था को संभालने के लिए भी कई तरह के कर्मचारी काम करते हैं.

Ram Mandir Staff Recruitment Process: अयोध्या का राम मंदिर इन दिनों देश-दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. मंदिर के चढ़ावे में चोरी और चंदे में हेरफेर का गंभीर मामला सामने आया है. इस मामले में यूपी सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट के बाद ताबड़तोड़ एक्शन हुआ है. मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, जबकि मंदिर व्यवस्था से जुड़े 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस बड़े फेरबदल और विवाद के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने भव्य राम मंदिर की व्यवस्था कैसे चलती है. वहां पुजारियों, इंजीनियरों और अन्य स्टाफ की भर्ती कैसे होती है, उनका सेलेक्शन प्रोसेस क्या है और उन्हें कितनी सैलरी मिलती है. आइए बिल्कुल आसान तरीके से पूरी प्रक्रिया समझते हैं.

कौन संभालता है राम मंदिर की कमान

राम मंदिर का सारा कामकाज और एक-एक पैसे का हिसाब-किताब 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' देखता है. मंदिर में पूजा-पाठ से लेकर, सुरक्षा, साफ-सफाई, मैनेजमेंट और स्टाफ की सैलरी तय करने की पूरी जिम्मेदारी इसी ट्रस्ट की होती है. हालिया विवाद के बाद अब इस ट्रस्ट का नए सिरे से पुनर्गठन यानी फिर से बदलाव किया जा रहा है, ताकि व्यवस्था को और ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके.

राम मंदिर में पुजारी कैसे बनते हैं

रामलला की सेवा के लिए पुजारियों की भर्ती प्रक्रिया बेहद सख्त और योग्यता पर आधारित होती है. ऐसा नहीं है कि कोई भी जाकर वहां पुजारी बन सकता है. इसके लिए बकायदा विज्ञापन (Notification) निकाला जाता है. ट्रस्ट द्वारा वैकेंसी निकालने पर इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करते हैं. पिछली बार यानी 2023 में सिर्फ कुछ पदों के लिए करीब 3,000 उम्मीदवारों ने अप्लाई किया था, जिनमें से मेरिट के आधार पर सिर्फ 200 लोगों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था.

आगे की प्रक्रिया में क्या होता है

शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का कारसेवकपुरम में एक विशेष पैनल इंटरव्यू लेता है. इस पैनल में देश के बड़े संत और विद्वान शामिल होते हैं. इंटरव्यू में 'संध्या वंदन' के नियम, मंत्रोच्चार, कर्मकांड और भगवान राम की विशेष पूजा पद्धति से जुड़े बेहद कठिन सवाल पूछे जाते हैं. इंटरव्यू पास करने के बाद चुने गए पुजारी को 6 महीने की आवासीय ट्रेनिंग दी जाती है. बड़े संतों द्वारा तैयार धार्मिक सिलेबस के आधार पर उन्हें तैयार किया जाता है. इस दौरान रहना-खाना मुफ्त होता है और हर महीने 2,000 का स्टाइपेंड भी मिलता है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को राम जन्मभूमि परिसर में अलग-अलग पदों पर पुजारी के रूप में नियुक्त कर दिया जाता है. जो लोग फाइनल लिस्ट में जगह नहीं बना पाते, उन्हें सर्टिफिकेट दिया जाता है, ताकि भविष्य में पद खाली होने पर उन्हें पहले मौका मिले.

पुजारियों और धार्मिक स्टाफ की सैलरी

राम मंदिर के मुख्य पुजारी को करीब 38,500 मंथली सैलरी मिलती है. सहायक पुजारी को पद और एक्सपीरिएंस के आधार पर 33,000 से 36,000 मंथली सैलरी के अलावा मुख्य और सहायक पुजारियों को रहने-खाने की व्यवस्था, मेडिकल सुविधा और वीकली ऑफ भी मिलता है.

गैर-धार्मिक और टेक्निकल स्टाफ की भर्ती 

राम मंदिर परिसर सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है. वहां का लॉजिस्टिक्स, निर्माण और तकनीकी व्यवस्था संभालने के लिए बड़े पैमाने पर प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है. ट्रस्ट के तहत आने वाले 'अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय' के लिए समय-समय पर सीधी भर्तियां निकाली जाती हैं. हाल ही में कॉन्ट्रैक्ट बेसिस (2 साल के लिए, जिसे काम के आधार पर बढ़ाया जा सकता है) पर इंजीनियर पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं. इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक या IT इंजीनियर के 2 पद और मैकेनिकल इंजीनियर के 1 पद पर वैकेंसी निकली थी. जिसके लिए डिग्री या डिप्लोमा होल्डर्स अप्लाई कर सकते हैं. इन पदों के लिए हर महीने 35,000 से 40,000 तक की सैलरी दी जाती है, जो उम्मीदवार की योग्यता के आधार पर तय होता है.

अप्लाई करने का तरीका

इसके लिए उम्मीदवारों को अपना रिज्यूमे यानी CV और जरूरी एजुकेशनल डाक्यूमेंट्स 'निदेशक कार्यालय, अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय, नया घाट, अयोध्या, उत्तर प्रदेश- 224123' के पते पर विज्ञापन जारी होने के दो हफ्ते के भीतर भेजने होते हैं. साथ ही अपनी प्रोफाइल को ईमेल आईडी recruitments.arks.srjbtk@gmail.com पर भी मेल करना होता है.

मैनेजमेंट, सिक्योरिटी और अन्य स्टाफ

मंदिर के भंडार घर, दानपात्रों की गिनती और दैनिक व्यवस्था को संभालने के लिए भी कई तरह के कर्मचारी काम करते हैं. कोठारी, भंडारी और स्टोर मैनेजर मंदिर के राशन और सामान का प्रबंधन देखते हैं. इनकी सैलरी 19,000 से 24,000 मंथली होती है. दानपात्रों के चढ़ावे की गिनती और वेरिफिकेशन के लिए प्राइवेट एजेंसियों या कांट्रैक्ट के जरिए स्टाफ रखा जाता है, जिन्हें लगभग 20,000 मंथली मिलते हैं. चूंकि हाल ही में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया है, इसलिए माना जा रहा है कि अब चंदे और चढ़ावे की गिनती करने वाली प्राइवेट एजेंसियों और स्टाफ की सुरक्षा तथा वेरिफिकेशन के नियमों को पहले से कहीं ज्यादा कड़ा किया जाएगा.

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