Durga Visarjan 2024 : 3 अक्टूबर दिन गुरुवार से शुरू हुई शारदीय नवरात्रि का कल यानी 11 अक्टूबर को नवमी और कन्यापूजन के साथ समापन हो गया. आपको बता दें कि नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना कर श्रद्धालु माता रानी का आव्हान करते हैं. मां दुर्गा 9 दिनों के लिए विराजमान होती हैं, उनकी पूजा-अर्चना की जाती है. इसके बाद विजयदशमी पर शुभ मुहूर्त में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन कर उनकी विदाई की जाती है. ऐसे में आइए जानते हैं आज दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का शुभ मुहूर्त क्या है...
अपने फोन की सेटिंग में कर लीजिए ये बदलाव, बार-बार फोन चेक करने की लत से मिल जाएगा छुटकारा
-
NDTV World Summit 2026 के मंच पर पहुंचे PM Modi! | Breaking News -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब -
रील देखने की लत से बचाएगी ये माइक्रो साधना, NDTV World Summit में स्वामी सर्वप्रियानंद ने बताया -
आमिर खान और अमिताभ बच्चन के फैन हैं स्वामी सर्वप्रियानंद, ‘हनुमान अंश’ देखने की जताई इच्छा -
विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया इस वक्त कूटनीति पर कौन सी वेब सीरीज देख रहे -
NDTV World Summit 2026 में पहुंचे PM Modi, थोड़ी देर में होगा संबोधन -
कौन सी वेबसीरीज देख रहे विदेश मंत्री S Jaishankar, वर्ल्ड समिट में बताया -
NDTV World Summit | 'भारत और फ्रांस में प्रदर्शनों पर UN का दोहरा रवैया', S Jaishankar का बड़ा बयान -
NDTV World Summit 2026: पाकिस्तान और आतंकवाद के सवाल पर क्या बोले एस. जयशंकर? -
भारत और फ्रांस में प्रदर्शनों पर UN का दोहरा रवैया, आंदोलनों के पीछे अक्सर बाहरी ताकतें- एस जयशंकर
दुर्गा विसर्जन 2024 कब है
इस बार दुर्गा जी की प्रतिमा का विसर्जन (Durga Visarjan 2024) 12 अक्टूबर को किया जाएगा.
दुर्गा विसर्जन 2024 कितने बजे होगा
पंचांग के मुताबिक, अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 12 अक्टूबर की सुबह 10.58 बजे से लेकर अगले दिन 13 अक्टूबर की सुबह 9.08 बजे तक रहेगी. इस दौरान दुर्गा जी की प्रतिमा के विसर्जन का मुहूर्त 12 अक्टूबर को दोपहर 1.17 बजे से लेकर दोपहर 3.35 बजे तक रहेगा. इस दिन श्रवण नक्षत्र की शुरुआत सुबह 05:25 बजे से लेकर 13 अक्टूबर की सुबह 04:27 बजे तक रहेगा. श्रवण नक्षत्र और दशमी तिथि दोनों एक साथ अपराह्न में होते हैं, जो दुर्गा विसर्जन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.
दुर्गा विसर्जन का क्या महत्व है
विसर्जन का मतलब पूर्णता, जीवन की पूर्णता, आध्यात्मिक ज्ञान और प्रकृति होता है. सनातन धर्म के अनुसार, जब भी कोई काम पूरा हो जाता है, तो उसका विसर्जन किया जाता है. यह हिंदू धर्म में एक तरह से अनिवार्य माना जाता है, इसलिए दुर्गा जी की प्रतिमा स्थापना का कार्य पूरा होने के लिए विसर्जन किया जाता है और फिर अगले साल का इंतजार होता है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं