आज यानी 10 अक्टूबर, रविवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. नवरात्रि का पहला दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री को समर्पित होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं, इसलिए उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है. मां का स्वरूप बेहद शांत और दिव्य माना जाता है. भक्त पहले दिन पूरे विधि-विधान के साथ मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं और उनसे सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं. वहीं, पूजा का समापन आरती के साथ किया जाता है. ऐसे में आज शैलपुत्री मां की पूजा के बाद आप यहां से उनकी आरती पढ़कर गा सकते हैं-
मां शैलपुत्री की आरती | Maa Shailputri Ki Aarti Lyrics in Hindi
शैलपुत्री मां बैल असवार।
करें देवता जय जयकार।।
शिव शंकर की प्रिय भवानी।
तेरी महिमा किसी ने ना जानी।।
पार्वती तू उमा कहलावे।
जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू।
दया करे धनवान करे तू।।
सोमवार को शिव संग प्यारी।
आरती तेरी जिसने उतारी।।
उसकी सगरी आस पुजा दो।
सगरे दुख तकलीफ मिटा दो।।
घी का सुंदर दीप जला के।
गोला गरी का भोग लगा के।।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं।
प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।।
जय गिरिराज किशोरी अंबे।
शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।।
मनोकामना पूर्ण कर दो।
भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।।
या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
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