हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है. मां दुर्गा के भक्त पूरे साल इस पावन पर्व का इंतजार करते हैं. नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इन दिनों सच्चे मन से मां की पूजा करने और व्रत रखने से देवी दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है. इस साल कल यानी 11 अक्टूबर, रविवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना की जाती है. इसे कलश स्थापना भी कहा जाता है. आइए जानते हैं घटस्थापना की सही विधि और शुभ मुहूर्त.
नवरात्रि के पहले दिन क्यों की जाती है घटस्थापना?
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा शुरू होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश को सुख, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है. इसलिए नवरात्रि की शुरुआत में विधि-विधान से कलश स्थापित किया जाता है. इसके बाद नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं और मां से परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं.
कैसे करें घटस्थापना? जानें सही विधिज्योतिषाचार्य अरुण पंडित ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में घटस्थापना की आसान विधि बताई है. उनके अनुसार, कलश स्थापना के लिए-
- सबसे पहले एक साफ कलश लें. उस पर तिलक लगाएं और उसके गले में रक्षा सूत्र या मौली बांधें.
- इसके बाद कलश में शुद्ध जल भरें. आप इसमें गंगाजल का इस्तेमाल भी भर सकते हैं.
- अब, कलश में थोड़ी खड़ी हल्दी, एक सुपारी और कुछ सिक्के डालें. आप चाहें तो इसमें गोमती चक्र या कौड़ियां भी रख सकते हैं.
- इसके बाद पांच आम के पत्तों पर तिलक लगाकर उन्हें कलश के मुंह पर रखें.
- फिर कलश के ऊपर नारियल रखें और आखिर में नारियल को लाल चुनरी से ढक दें या उस पर मौली बांध दें.
- कलश तैयार होने के बाद उसे चावल के ऊपर स्थापित करें.
पंचांग के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9 बजकर 19 मिनट से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार, नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी. नवरात्रि का पहला व्रत भी इसी दिन रखा जाएगा. नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व 19 अक्टूबर को समाप्त होगा.
घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. अगर आप सुबह इस समय कलश स्थापना नहीं कर पाते हैं, तो अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा कर सकते हैं. यह मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा.
धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा की सच्चे मन से पूजा करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता आती है. इन नौ दिनों में भक्त मां से परिवार की खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हैं. मान्यता है कि मां दुर्गा अपने भक्तों के कष्ट दूर करती हैं और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति देती हैं.
यहां देखें वीडियो-
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