ईशा कोप्पिकर वो नाम हैं, जिन्होंने अपनी दम पर बॉलीवुड में अपनी मंजिल प्राप्त की. उनका जन्म 1976 में हुआ था, वह एक्ट्रेस बनने से पहले मॉडल थीं. उन्होंने तमिल, तेलुगू, कन्नड़ समेत काफी भाषाओं में काम किया. ईशा को 'खल्लास गर्ल' के रूप में भी जाना जाता है. उनका गाना फिल्म कांटे में 'इश्क समुंदर' काफी हिट हुआ था. जिसके बाद ईशा को बॉलीवुड में एक अलग ही स्थान मिला. ईशा को सबसे ज्यादा तारीफ फिल्म डॉन में मिली थी. जिसमें वह शाहरुख खान और प्रियंका चोपड़ा के साथ नजर आई थीं. ईशा कोप्पिकर अपनी बेबाकी बातों को लेकर जानी जाती हैं. उन्होंने हाल ही में जंतर मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन किया था. यह बात कुछ लोगों को पसंद नहीं आई. इसलिए उनको सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने ट्रोल करना शुरू कर दिया. ट्रोलिंग के बाद ईशा ने अपने विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि हां मैं अंधभक्त हूं और अपने मन की पूरी भड़ास निकाली. हाल ही में ईशा ने एनडीटीवी से बात की और इस मुद्दे के साथ-साथ अपने भविष्य की प्लानिंग को लेकर काफी कुछ कहा.
मैं जेन ज़ी के खिलाफ नहीं
ईशा ने कहा कि मुझे किसी से डर नहीं लगता. जेन जी से क्यों डरूंगी? डरना है तो मुझे सिर्फ इस बात से डरना चाहिए कि कहीं मैं सच बोलने से डर ना जाऊं. कहीं मैं बाड़ पर बैठ कर अपनी राय बदल ना दूं, या फिर सिर्फ इसलिए चुप ना हो जाऊं. क्योंकि कुछ लोग असहमत होंगे. अगर मुझे कोई चीज अपने समाज या देश के लिए गलत लगती है, तो उसके खिलाफ बोलने का साहस होना चाहिए. मेरे लिए अपनी बात रखना किसी पीढ़ी के खिलाफ होना नहीं है. जेन ज़ी हो, मिलेनियल्स हो या कोई भी जनरेशन मैं किसी से नहीं डरती. मैं बस अपनी अंतरात्मा के खिलाफ जाना नहीं चाहता. देखिये, हर किसी को अपनी बात रखने की आजादी है और मुझसे भी किसी से असहमत होने की पूरी आजादी है. मैं जेन ज़ी के खिलाफ नहीं हूं और ना ही मैं उनकी आवाज को डिसमिस कर रही हूं. लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब ये भी नहीं है कि हम किसी से भी व्यवहार करें. जो आचरण कुछ लोगों का रहा है जो मुझे अनैतिक, अनैतिक या समाज के लिए अनुचित लगा, उसका मैं समर्थन नहीं कर सकती. मैं किसी प्रवृत्ति या झुंड मानसिकता के आधार पर स्टैंड नहीं लेती. सेलिब्रिटी होने के नाते भी मुझे वही बोलना चाहिए जो मुझे वास्तव में सही लगता है. किसी का साथ देना सिर्फ इसलिए जरूरी नहीं है, क्योंकि बाकी सब दे रहे हैं. मैं सम्मान के साथ असहमत हो सकती हूं और मेरे लिए वही सबसे महत्वपूर्ण है.
मेरे लिए कुर्सी महत्वपूर्ण नहीं
ईशा ने कहा कि चुनाव लड़ने के ऑफर तो आये हैं, लेकिन चुनाव लड़ना मेरे लिए सिर्फ एक अवसर नहीं, एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. राजनीति में आना है तो सिर्फ नाम के लिए नहीं, वास्तव में कुछ बदलाव करने के इरादे से आना चाहिए. अभी तक मुझे नहीं लगा कि वो मेरा मोमेंट है. अगर कभी मुझे लगे कि मेरी आवाज, मेरी विश्वसनीयता और मेरी ऊर्जा किसी सार्थक बदलाव का काम आ सकती है, तो क्यों नहीं? लेकिन मैं राजनीति में पद के लिए नहीं, उद्देश्य के लिए आना चाहूंगी. मेरे लिए कुर्सी महत्वपूर्ण नहीं है, काम महत्वपूर्ण है. ईशा इससे पहले साल 2024 में आई एक तमिल फिल्म में नजर आई थीं. जिसके बाद अब ईशा के फैंस उनकी आने वाली फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. लेकिन ईशा सोशल मीडिया के माध्यम से अपने फैंस से जुड़ी रहती हैं और अपनी दिल की बातें उनके साथ शेयर करती हैं.
यह भी पढ़ें: कार्तिक आर्यन को घुटने में लगी चोट, अस्पताल में हुई सर्जरी, कबीर खान की फिल्म की शूटिंग के दौरान हादसा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं