Who is Saurav Das: दिल्ली के जंतर-मंतर पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध-प्रदर्शन खूब चर्चा में है. संसद मार्च के दौरान 20 जुलाई को सीजेपी और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच अहम बातचीत हुई. सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. इसके बाद सौरव दास का नाम हर किसी की जुबान पर आ गया. मीडिया के सामने भी पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने की वजह से उनकी हर जगह चर्चा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि सौरव दास कौन हैं, कौन सी नौकरी करते हैं और उनका बैकग्राउंड क्या है.
कौन हैं सौरव दास?
सौरव दास की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वह दिल्ली के रहने वाले एक स्वतंत्र इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट (Independent Investigative Journalist) और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. उनकी पढ़ाई जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में हुई है. उन्होंने साल 2020 में अपना प्रोफेशनल राइटिंग करियर शुरू किया और तब से कई अहम मुद्दों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं. वे कानून (Law), सरकारी नीतियों (Governance), न्यायपालिका (Judiciary) और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर खुलकर लिखते हैं. इसके अलावा उनकी दिलचस्पी अपराध (Crime) और पारदर्शिता और जवाबदेही (Transparency) में भी है.
RTI और PIL से बनाई अलग पहचान
सौरव दास का पत्रकारिता का सफर काफी कम उम्र में शुरू हो गया था. साल 2017 में महज 18 साल की उम्र में अपने कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने राइट टू इंफॉर्मेशन (RTI) एक्ट के जरिए कई बड़े खुलासे किए, जिन्हें नेशनल मीडिया में काफी जगह मिली. कोविड-19 महामारी के दौरान जब जरूरी जानकारियां पाने में दिक्कत हो रही थी, तब सौरव ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की. इसके बाद केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को पेंडिंग मामलों पर तेजी से फैसला लेने के निर्देश जारी करने पड़े थे.
CJP में क्या है सौरव दास का रोल?
सौरव दास कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आधिकारिक प्रवक्ता हैं. दिल्ली में आंदोलन के दौरान मीडिया से बात करना, संगठन का पक्ष रखना और सरकार के साथ बातचीत में हिस्सा लेना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है. वह सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले संगठन मेंबर हैं.
सौरव दास कौन सी नौकरी या काम करते हैं
सौरव दास किसी एक मीडिया हाउस में बंधकर काम करने के बजाय एक फ्रीलांस जर्नलिस्ट के रूप में काम करते हैं. उनके आर्टिकल देश-विदेश के कई बड़े मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर छप चुके हैं. उन्होंने द कारवां (The Caravan), आर्टिकल 14 (Article 14), अल जजीरा (Al Jazeera), द हिंदू (The Hindu) और न्यू लाइंस मैगजीन जैसी जगहों पर इन्वेस्टिगेटिव आर्टिकल्स लिखे हैं. LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, क्लाइमेट एक्शन फ्रंट (Climate Action Front) संस्था के को-फाउंडर (Co-Founder) भी हैं, जो पर्यावरण और जलवायु से जुड़े मुद्दों पर काम करती है.
किताब भी लिख रहे हैं सौरव दास
सौरव दास अपनी पहली किताब पर भी काम कर रहे हैं. इस किताब का नाम 'Complicit Silence: The Court's Role in India's Quiet Suffering' बताया गया है. इसमें भारतीय न्याय व्यवस्था और उससे जुड़े कई मामलों पर उनकी रिसर्च और एनालिसिस शामिल है.
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