Success story of Malti Murmu : कभी-कभी कुछ ऐसी कहानियां सामने आ जाती हैं, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देती हैं. आज के इस लेख में हम एक ऐसी महिला की बात करने जा रहे हैं जिसने अभाव को संभावनाओं में बदल दिया. जी हां, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले की आयोध्या पहाड़ियों के बीच बसे जिलिंगसेरेंग गांव की रहने वाली साधारण गृहिणी मालती ने अपने मिट्टी के घर को स्कूल में तब्दील कर दिया. सबसे बड़ी बात ये है कि मालती के पास किसी तरह की कोई डिग्री नहीं है, न ही वो टीचर हैं और न ही किसी संगठन का हिस्सा. उनके पास है तो बस जुनून और हौंसला जो आज 45 बच्चों के जीवन में शिक्षा का अलख जगा रहा है.
परीक्षा देने जाते समय हुआ एक्सीडेंट, लेकिन नहीं मानी हार..आज हैं देश के सबसे युवा IPS अधिकारी, जानिए इनका नाम
हुआ कुछ यूं जब मालती 2020 में शादी करके अपने ससुराल आईं जिलिंगसेरेंग तो उन्होंने देखा की गांव में पढ़ाई की स्थिति बहुत दयनीय है. स्कूल तो था लेकिन दूर, जिसके कारण बच्चे जाते नहीं थे. और शिक्षा के प्रति जागरूकता की भी बहुत कमी थी. जिसे देखकर मालती को भविष्य को लेकर चिंता हुई और उन्होंने मन ही मन ठान लिया की वो गांव के लोगों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करेंगी. भले ही उनके पास किसी तरह की डिग्री नहीं है, लेकिन उन्हें जितनी जानकारी है उतना लोगों तक पहुंचाएंगी.
-
AI ने बनाया प्लान और इंसान ने दबाया हमले का बटन, ईरानी स्कूल में 156 मौतों पर पूर्व CIA चीफ ने कही ये बात -
इस साल के अंत तक भारत आ सकते हैं नेपाली पीएम बालेन शाह, नेपाल के वित्तमंत्री डॉ स्वर्णिम वाग्ले ने दी जानकारी -
NDTV World Summit | 'AI का डर समझिए, लेकिन...' तकनीक पर BAPS के Brahmavihari Swamiji की बड़ी बात -
पारंपरिक सेना, टैंक और बंकर सब बेकार! NDTV World Summit में पूर्व CIA चीफ का दावा- AI बना देगा युद्ध -
"डर है कहीं इंसान मशीनों की तरह न सोचने लगें", NDTV World Summit में BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी -
नोबेल विजेताओं जैसी दिमागी ताकत और पलक झपकते ही मौत! CIA के पूर्व प्रमुख ने AI युद्ध पर दी सबसे खौफनाक चेतावनी -
'एक दिमाग में लाखों आइंस्टाइन से बेहतर है एक हृदय में लाखों बुद्ध',AI के सवाल पर BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी -
PM मोदी ने याद दिलाई 12 लाख तक की आय पर टैक्स छूट, बोले- 'जो मिला वो हजम...ऐसे नहीं चलता!' -
NDTV World Summit में PM मोदी का राहुल गांधी पर वार, बोले- "कांग्रेस अपने फेल प्रोडक्ट की..." -
NDTV World Summit 2026: Zerodha बंद हो जाए तो क्या करेंगे? निखिल कामत ने बताया ₹10 लाख वाला बिजनेस प्लान
ऐसे में उन्होंने अपने मिट्टी के घर में बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया. स्कूल चलाने के लिए मालती के पास कुछ किताबें, ब्लैकबोर्ड और जज्बा था. आज मालती 45 बच्चों को बिना फीस के संथाली, बंगाली और अंग्रेजी सिखा रही हैं. हालांकि शुरूआत में मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन मालती के हौंसले ने उन्हें अडिग बनाए रखा.
उनकी इस पहल ने गांव वालों के अंदर भी उम्मीद जगा दी और धीरे-धीरे पूरे गांव ने उनका साथ देना शुरू कर दिया. सभी अपने सामर्थ्य अनुसार मदद करने लगे. कोई किताब दे गया तो किसी ने बच्चों के बैठने की व्यवस्था की.
मालती के इस काम में उनके साथ मजबूती के साथ खड़े रहे पति बांका मुर्मू जो कि एक दिहाड़ी मजदूर हैं. आपको बता दें कि मालती के दो बच्चे भी हैं, लेकिन उन्होंने घर की जिम्मेदारी को निभाते हुए अपने जुनून को कायम रखा.
जब मालती की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो कई स्वयंसेवी संगठन आगे आए. किसी ने स्टेशनरी, किताबें तो किसी ने आर्थिक मदद पहुंचाने का फैसला लिया.
इस तरह मालती का स्कूल चल पड़ा और आज यही स्कूल गांव की शान बन चुका है. मालती की यह कहानी हमें सिखाती है अगर हमारे अंदर जज्बा और जुनून हो तो कम संसाधनों में भी बड़े आयाम हासिल कर सकते हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं