कश्मीर के एक छोटे और रिमोट इलाके कुपवाड़ा से आने वाले एक लड़के ने UPSC टॉप किया तो देशभर में उसकी खूब चर्चा हुई. UPSC में AIR-1 हासिल करने वाले वो पहले कश्मीरी हैं. IAS बनने के कई साल बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई, लेकिन सफल नहीं हुए. इसके बाद फिर से अपनी IAS वाली नौकरी ज्वाइन कर ली और अब भारत सरकार में डिप्टी सेक्रेट्री के तौर पर काम कर रहे हैं. आज हम आपको शाह फैसल के कश्मीर से निकलने से लेकर दिल्ली पहुंचने और यूपीएससी जैसी परीक्षा में टॉप करने की पूरी कहानी बताएंगे.
2010 में किया UPSC टॉप
कुपवाड़ा के सरकारी स्कूल से ही पढ़ाई पूरी करने के बाद शाह फैसल ने डॉक्टर बनने का फैसला किया. हालांकि बाद में उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी की और 2010 में ऑल इंडिया टॉपर बने. उनके माता-पिता दोनों ही सरकारी नौकरी करते थे. अपने एक इंटरव्यू में शाह फैसल ने बताया कि UPSC देना उनके लिए एक बड़े बदलाव की तरह था. पहले वो डॉक्टर बनना चाहते थे, जिसकी पढ़ाई भी उन्होंने पूरी की थी. उन्होंने कहा, मैंने अपने आसपास जो चीजे देखीं, उनसे मुझे लगा कि यूपीएससी देना चाहिए और आईएएस बनने के बाद कई चीजों को ठीक किया जा सकता है.
IAS रहते गए हार्वर्ड
IAS बनने के बाद शाह फैसल को कश्मीर के तमाम अहम पदों पर जिम्मेदारी मिली, लेकिन नौकरी के कई साल बाद वो 'फुलब्राइट फेलो' के रूप में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी चले गए. यहां से पढ़ाई करने के बाद 2019 में वो वापस भारत लौटे और इसके ठीक बाद इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया. एक यूपीएससी टॉपर का ऐसे नौकरी छोड़ना काफी चौंकाने वाला कदम था.
वापस IAS बनने का फैसला
शाह फैसल ने 10 महीने हिरासत में रहने के बाद अपना मन बदल लिया और पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया. इसके बाद उन्होंने दोबारा अपनी नौकरी ज्वाइन करने के लिए अर्जी लगाई और ये मंजूर भी हो गई. 2019 में उनके इस्तीफे को कई कारणों के चलते मंजूर नहीं किया गया था, यही वजह है कि उनके पास वापसी का रास्ता खुला था और उन्होंने दोबारा IAS बनने का फैसला किया.
तैयारी करने वालों को देते हैं ये सलाह
UPSC एस्पिरेंट्स के लिए शाह फैसल कहते हैं कि विल पावर सबसे ज्यादा जरूरी है. सिविल सर्विस की तैयारी आपको पूरी तरह थका देगी, रोज आपको लगेगा कि अब नहीं होगा, लेकिन आपको आगे बढ़ते रहना होगा और खुद को मोटिवेट करना होगा. सबसे जरूरी है कि आप कैसे मेंटली स्ट्रॉन्ग रहते हैं. कई लोग ये सब नहीं झेल पाते हैं और इस सफर में पीछे छूट जाते हैं. ये ऐसा है कि आप किसी रेगिस्तान में खो गए हैं और आपको घर वापस जाने का रास्ता खोजना है, जो इसे पार कर लेते हैं, वो यूपीएससी में सफल होते हैं.
ये भी पढ़ें - कंप्यूटर साइंस से बीटेक और फिर IAS बनने के बाद कई ट्रांसफर, कौन हैं नेहा मारव्या?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं