Re-NEET 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने शनिवार को कहा कि नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के क्वेश्चन पेपर पहुंचाने के लिए पहली बार इंडियन एयर फोर्स (IAF) की मदद ली जा रही है. जो परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और सुरक्षा बनाए रखने को दी जा रही अहमियत को दर्शाता है. यह बात सिंह ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) की एक रिपोर्ट के अनुसार तेलंगाना के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव द्वारा NEET परीक्षा की तैयारियों को लेकर बुलाई गई बैठक में वर्चुअली शामिल होने के दौरान कही.
धर्मेंद्र प्रधान की घोषणा के बाद एक्शनइससे पहले 28 मई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की थी कि री-एग्जाम के लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वायुसेना को इस का हिस्सा बनाया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया था कि जून के महीने में मौसम की अनिश्चितता और सुरक्षा संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रश्न पत्रों को एयरलिफ्ट करने का फैसला लिया गया है.
सेना का ऑपरेशनल दखल नहीं, सिर्फ लॉजिस्टिक मदद29 मई को NDTV को दिए एक इंटरव्यू में शिक्षा मंत्री ने परीक्षा में सशस्त्र बलों की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति साफ की थी. प्रधान ने स्पष्ट किया था कि सरकार परीक्षा आयोजित करने की मुख्य प्रक्रिया में सेना का कोई ऑपरेशनल दखल नहीं ले रही है. वायुसेना की भूमिका सिर्फ और सिर्फ प्रश्न पत्रों को देश के विभिन्न कोनों में सुरक्षित और समय पर डिलीवर करने तक सीमित रहेगी.
क्यों हो रही है री-नीट परीक्षा?
बता दें कि बीते 3 मई 2026 को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद, एनटीए ने सख्त कदम उठाते हुए 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला किया था. अब 21 जून को दोबारा परीक्षा (Re-NEET) आयोजित की जा रही है, जिसे फुलप्रूफ बनाने के लिए सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरी ताकत झोंक रही हैं.
यह भी पढ़ें- ऑल इंडिया बार एग्जाम आज, रिपोर्टिंग टाइम से लेकर ड्रेस कोड तक जानें सब कुछ
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं