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रात में पढ़ाई करें या सुबह? टॉपर्स की ये 80/20 स्टडी टेक्निक बदल देगी आपकी तैयारी

किसी भी चैप्टर को पढ़ने से पहले उसके हेडिंग और सबहेडिंग्स पर एक नजर डालें, ताकि विषय का अंदाजा हो जाए. फिर उन हिस्सों को पहचानें जिनमें सबसे जरूरी जानकारी हो और उन्हें ध्यान से पढ़कर नोट्स बनाएं. बाकी हिस्सों को हल्का पढ़ें ताकि आपको विषय का संदर्भ समझ आ जाए.

रात में पढ़ाई करें या सुबह? टॉपर्स की ये 80/20 स्टडी टेक्निक बदल देगी आपकी तैयारी
किसी भी अध्याय या लेख को पढ़ने से पहले उसके शीर्षक और सबहेडिंग्स को जल्दी से देख लें.

क्या आप भी कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की तैयारी कर रहे हैं या फिर कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं और आपके दिमाग में भी यह सवाल चलता रहता है कि आखिर ज्यादा असरदार क्या है, रात में पढ़ाई करना या सुबह जल्दी उठकर पढ़ना? तो बता दें कि एक्सपर्ट्स का इस बारे में अलग-अलग राय है. उनका मानना है कि किसी के लिए रात की पढ़ाई असरदार हो सकती है तो किसी के लिए दिन की. हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है. लेकिन एक ऐसी स्टडी टेक्नीक है जो समय की बजाय पढ़ाई की क्वालिटी पर जोर देती है. इसे पार्शियो प्रिंसिपल (Pareto Principle) या 80/20 Rule कहा जाता है. जिसे टॉपर्स भी फॉलो करते हैं. तो चलिए जानते हैं 80/20 का नियम क्या है...

क्या है 80/20 नियम?

पार्शियो प्रिंसिपल (Pareto Principle) के अनुसार किसी भी काम के लगभग 80 प्रतिशत रिजल्ट केवल 20 फीसदी प्रयासों से मिल सकते हैं. यानी छात्रों को उन टॉपिक्स पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए जिनसे परीक्षा में अधिक सवाल आने के चांसेस हो या जिनका वेटेज अधिक हो. इसका यह मतलब कतई नहीं है कि पूरा सिलेबस छोड़ दिया जाए, बल्कि यह समझना है कि कौन से सब्जेक्ट सबसे नंबर दिला सकते हैं.

पढ़ाई से पहले गोल सेट करें

80/20 नियम अपनाने से पहले यह आप तय करें कि क्या हासिल करना है. जब गोल क्लीयर होता है तो समय का उपयोग आप बेहतर तरीके से कर सकते हैं. 

हाई-यील्ड टॉपिक्स पर करें फोकस

आपको उन जरूरी सब्जेक्ट्स की पहचान करनी चाहिए जो परीक्षा या असाइनमेंट में बेहतर अंक दिला सकते हैं. यही वह 20 फीसदी हिस्सा है जिसपर फोकस करके तैयारी को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है. हालांकि 80 और 20 का अनुपात कोई सख्त नियम नहीं है. अगर आपको ठीक लगे और आप कर सकते हैं तो ही अपनाएं. यह बस एक मार्गदर्शक विचार है. 

80/20 के साथ, Active Learning भी जरूरी

बता दें कि केवल किताबें पढ़ते रहने से आपकी लर्निंग स्किल्स बेहत नहीं हो सकती हैं. इसलिए 80/20 रूल के साथ एक्टिव लर्निंग (Active Learning) को भी जोड़ने की सलाह दी जाती है. पार्शियो प्रिंसिपल के तहत छात्र पढ़े गए सब्जेक्ट का समरी तैयार कर सकते हैं, किसी दूसरे व्यक्ति को समझा सकते हैं या सवाल हल करके प्रैक्टिस कर सकते हैं. इससे आपको सब्जेक्ट समझने और याद करने की कैपिसिटी बेहतर होगी.

पढ़ाई के बाद करें खुद का आकलन

किसी टेस्ट या परीक्षा के बाद यह देखना भी जरूरी है कि जिन टॉपिक्स पर आपने सबसे ज्यादा ध्यान दिया था, क्या उनसे वास्तव में अच्छे अंक मिले. अगर नहीं तो फिर आप अपनी लर्निंग स्ट्रेटजी को चेंज कर सकते हैं. 

पढ़ते समय ऐसे अपनाएं 80/20 नियम

किसी भी चैप्टर को पढ़ने से पहले उसके हेडिंग और सबहेडिंग्स पर एक नजर डालें, ताकि विषय का अंदाजा हो जाए. फिर उन हिस्सों को पहचानें जिनमें सबसे जरूरी जानकारी हो और उन्हें ध्यान से पढ़कर नोट्स बनाएं. बाकी हिस्सों को हल्का पढ़ें ताकि आपको विषय का संदर्भ समझ आ जाए.

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