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स्पोर्ट्स एक्सीलेंस कोटा से भी मिलता है IIT में एडमिशन, एजुकेशन एक्सपर्ट ने बताया पूरा प्रोसेस

JoSAA काउंसलिंग के जरिए देशभर के अलग-अलग आईआईटी और एनआईटी में एडमिशन हो रहे हैं. खेल में नाम कमाने वाले कुछ छात्रों के लिए इसमें खास छूट दी जाती है और अलग से सीटें होती हैं. स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एडमिशन (SEA) के तहत ऐसे खिलाड़ी एडमिशन ले सकते हैं.

स्पोर्ट्स एक्सीलेंस कोटा से भी मिलता है IIT में एडमिशन, एजुकेशन एक्सपर्ट ने बताया पूरा प्रोसेस
स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एडमिशन (SEA) के तहत IIT में एडमिशन

JEE Advanced का रिजल्ट आते ही अब छात्रों की इंजीनियरिंग में एडमिशन की रेस शुरू हो चुकी है. देशभर के NIT और IIT में एडमिशन पाने के लिए JoSAA काउंसलिंग चल रही है, जिसमें रैंकिंग के हिसाब से छात्रों को सीट और संस्थान मिल रहा है. इसी बीच स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एडमिशन (SEA), फाइन आर्ट्स एंड कल्चर एक्सीलेंस एडमिशन (FACE), और साइंस ओलंपियाड एक्सीलेंस एडमिशन प्रक्रिया के तहत तमाम आईआईटी संस्थानों में एडमिशन दिया जा रहा है. JoSAA काउंसलिंग के जरिए ही देश के मेधावी खिलाड़ियों को IIT में एडमिशन दिया जाता है. एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने इस पूरे प्रोसेस को समझाया है. 

जेईई एडवांस्ड क्वालिफाई करना जरूरी

एजुकेशन एक्सपर्टने बताया कि स्पोर्ट्स, फाइन आर्ट एंड साइंस और मैथमेटिक्स ओलंपियाड में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी निर्धारित कोटा के तहत आईआईटी-रुड़की, इंदौर, खड़गपुर, मद्रास और मंडी के बी-टेक या बी-एस पाठ्यक्रम में एडमिशन ले सकते हैं.  इस प्रक्रिया के तहत एडमिशन लेने के लिए छात्र को जेईई-एडवांस्ड क्वालिफाइड होना जरूरी है. 

देव शर्मा ने बताया कि  JoSAA-2026 की ऑफिशियल वेबसाइट पर सी,फेस तथा स्कोप के नाम से एक अलग लिंक उपलब्ध है, पात्र विद्यार्थी उपरोक्त लिंक के माध्यम से जोसा-काउंसलिंग में हिस्सा लेर चॉइस-फिलिंग की प्रक्रिया पूर्ण कर प्रवेश प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं. आईआईटी मद्रास की तरफ से हाल ही में शुरू किए गए बीएस-मैथमेटिक्स पाठ्यक्रम में एडमिशन मैथमेटिक्स-ओलिंपियाड के तहत भी दिया जाना निश्चित किया गया है.

क्या हैं स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एडमिशन के नियम?

  • स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एडमिशन (SEA) के तहत एडमिशन सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों को मिल सकता है, जिन्होंने राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीता हो.
  • जीते गए मेडल्स और खेल के स्तर को देखते हुए अलग से नंबर दिए जाते हैं और इसी हिसाब से सीट अलॉट होती है. 
  • स्पोर्ट्स वाले उम्मीदवारों को 12वीं में न्यूनतम अंक की शर्त भी पूरी करनी होती है. 
  • स्पोर्ट्स कोटे की अलग से मेरिट लिस्ट बनाई जाती है, हर कोर्स में इनके लिए दो से तीन सीटें एक्स्ट्रा बढ़ाई जाती हैं. 

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