IIT, IIM, IIIT Growth in India 2014 to 2026: आज 10 जून को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार के करीब 12 साल पूरे हो रहे हैं, तो हर सेक्टर में हुए बदलाव की चर्चा तेज है. खासकर एजुकेशन सेक्टर में कितना कुछ बदल गया है. इस दौरान कॉलेजों की संख्या, बच्चों का करियर और पढ़ाई को लेकर क्या कुछ नया हुआ है. टॉप इंस्टीट्यूट्स अब पहले से कितने ज्यादा हो गए हैं. 2014 में जब पहली बार देश में मोदी सरकार बनी थी, तब से लेकर अब तक यानी 2026 तक देश में प्रीमियर इंस्टीट्यूट्स, जैसे IIT (Indian Institutes of Technology), IIM (Indian Institutes of Management) और IIIT (Indian Institutes of Information Technology) की संख्या में कितना इजाफा हुआ है. आइए जानते हैं जवाब...
2014 से 2026 तक देश में कितने IITs बढ़े
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में देश के सबसे बड़े ब्रांड आईआईटी की बात करें, तो पिछले 12 सालों में युवाओं के लिए मौके काफी बढ़ गए हैं. PIB के अनुसार, साल 2014 में कुल 16 आईआईटी हुआ करते थे, जो साल 2026 तक बढ़कर 23 हो चुके हैं. मतलब मोदी सरकार के कार्यकाल में देश को 7 नए आईआईटी मिले हैं. इन नए संस्थानों को तिरुपति, पलक्कड़, भिलाई, गोवा, जम्मू और धारवाड़ जैसे शहरों में खोला गया है, जबकि धनबाद के ISM को अपग्रेड करके आईआईटी का दर्जा दिया गया है. इससे टेक्नोलॉजी पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए सीटों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है.
12 साल में देश में कितने IIMs बढ़े
बिजनेस और मैनेजमेंट की दुनिया में करियर बनाने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए भी पिछले 12 साल बेहतरीन रहे हैं. पीआईबी और शिक्षा मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, साल 2014 तक देश में मैनेजमेंट के सबसे बड़े संस्थान आईआईएम की कुल संख्या केवल 13 थी. साल 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 21 हो चुका है. यानी देश में 8 नए आईआईएम बनाए गए हैं. अमृतसर, बोधगया, संबलपुर, जम्मू, सिरमौर, नागपुर और विशाखापत्तनम जैसे शहरों में नए कैंपस खुलने से अब छोटे शहरों और अलग-अलग राज्यों के युवाओं को भी अपने रीजन के पास ही ग्लोबल लेवल का मैनेजमेंट एजुकेशन मिल पा रहा है.
2014 के बाद देश में कितने IIITs बढ़े
आज के डिजिटल, कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (IT) की डिमांड सबसे ज्यादा है और इसी को देखते हुए ट्रिपल आईटी की संख्या में सबसे बड़ा उछाल आया है. 2025 में लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि साल 2014 में जहां पूरे देश के अंदर सिर्फ 9 ट्रिपल आईटी हुआ करते थे, लेकिन मोदी सरकार के पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल और नए प्रयासों के चलते अब इनकी संख्या बढ़कर 25 से ज्यादा हो चुकी है. इस तरह पिछले 12 सालों में 16 नए ट्रिपल आईटी जोड़े गए हैं ताकि देश का युवा टेक इंडस्ट्री की नई नौकरियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सके.
देश में कितने AIIMS बढ़े
देश के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए भी इस दौरान बड़े कदम उठाए गए हैं. साल 2014 में देश में सिर्फ 7 एम्स (AIIMS) अस्पताल और मेडिकल कॉलेज काम कर रहे थे, लेकिन PIB डेटा और केंद्रीय बजट के रिव्यू के अनुसार अब इनकी संख्या बढ़कर 20 के पार पहुंच चुकी है. देश में 13 से ज्यादा नए एम्स की शुरुआत होने से न सिर्फ मेडिकल की सीटें बढ़ी हैं, बल्कि आम जनता को इलाज के लिए दिल्ली की तरफ नहीं भागना पड़ता है.
मोदी सरकार के 12 साल: मेडिकल की पढ़ाई और सीटों में कितना आया बदलाव? जानें पूरी डिटेल्स
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