NMC New Rule: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने मेडिकल कॉलेज खोलने और नए कोर्स शुरू करने से जुड़े नियमों में बड़े बदलावों की तैयारी करने जा रहा है. जिसके लिए ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. अगर आप देश में नया मेडिकल कॉलेज खोलने या मौजूदा कॉलेज में सीटें बढ़ाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एनएमसी के नए मसौदे को जानना जरूरी है. तो आइए जानते हैं एनएमसी क्या-क्या बदलाव करने जा रहा है और इससे मेडिकल की पढ़ाई पर कैसा असर होगा.
अब राज्य के रजिस्टर्ड ट्रस्ट भी खोल सकेंगे कॉलेज
NMC ने योग्य संस्थाओं का दायरा बढ़ा दिया है. अब राज्य के कानूनों के तहत रजिस्टर्ड ट्रस्ट भी नया मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके साथ ही पुराने नियमों की कुछ पेचीदा शर्तों (क्लॉज 6) को हटा दिया गया है या उनमें जरूरी सुधार किया गया है.
कागजी कार्रवाई और पैसों का पूरा हिसाब देना होगा
एनएमसी नए नियमों के तहत एप्लिकेशन प्रोसीजर को काफी सख्त बनाया जा रहा है, जो इस तरह है-
सहमति पत्र को किया गया अनिवार्यअप्लाई करते समय किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से मिला कंसेंट ऑफ एफिलिएशन (COA) जमा करना होगा. यह लेटर कॉलेज या आवेदक के नाम पर होना चाहिए और आवेदन के समय वैलिड होना चाहिए.
बैंक बैलेंस का देना होगा पक्का सबूतआवेदकों को पिछले फाइनेंशियल ईयर के आधार पर एक सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट देना होगा. इसे किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा आवेदन की लास्ट डेट से 90 दिन के भीतर जारी किया गया होना चाहिए, ताकि यह साबित हो सके कि आपके पास कॉलेज चलाने के लिए पर्याप्त पैसा है.
अधूरे कॉलेज को नहीं मिलेगी मंजूरीअक्सर देखा जाता है कि आधे-अधूरे इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही कॉलेज शुरू कर दिए जाते हैं. अब ऐसा बिल्कुल नहीं चलेगा. इसके लिए भी एनएमसी के नए नियम में सख्ती बरती गई है-
- आवेदन जमा करने से पहले कॉलेज और अस्पताल की पूरी इमारत और सभी जरूरी सुविधाएं 100 फीसदी रेडी होनी चाहिए.
- किसी भी तरह की टेंपरेरी अरेंजमेंट को मंजूरी नहीं दी जाएगी.
- वहीं, जिन कॉलेजों में अभी कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है, उनके एप्लिकेशन को सीधे रिजेक्ट कर दिया जाएगा.
नए मेडिकल कॉलेज खोलने वाले आवेदकों को अब एक तय कॉर्पस फंड यानी सुरक्षित इमरजेंसी फंड अलग से रखना होगा. इसका एक शपथ पत्र भी जमा करना होगा. यह नियम पुराने कॉलेजों पर भी लागू होगा. इस फंड की रकम मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) तय करेगा, जिसमें समय-समय पर बदलाव भी हो सकता है.
अधूरे फॉर्म होंगे खारिजअगर आवेदन के साथ सभी जरूरी डॉक्यूमेंट नहीं लगाए गए, तो फॉर्म को सुधार का मौका दिए बिना सीधे रिजेक्ट कर दिया जाएगा.
सिफारिश या दबाव डालने पर कड़ी सजा
अगर किसी संस्थान ने NMC या MARB पर दबाव बनाने या उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की, तो उनके आवेदन की प्रोसेसिंग तुरंत रोक दी जाएगी या उसे रद्द कर दिया जाएगा.
30 दिनों में दे सकते हैं अपनी राय
NMC ने इस ड्राफ्ट को लेकर आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. ध्यान रहे कि सुझाव केवल तय फॉर्मेट में और ऑफिशियल ईमेल आईडी पर ही भेजे जा सकते हैं. डाक या किसी अन्य माध्यम से भेजे गए सजेशंस को एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा.
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