NEET Inspiring Success Stories: राजस्थान के सीकर में कोचिंग करके अभिलाष ने वो कर दिखाया है जो लाखों छात्र सपना देखते हैं. नीट 2026 के रिजल्ट में अभिलाष ने ऑल इंडिया रैंक 11 हासिल की है. अभिलाष के पिता किसान हैं, जो खेतों में दिन-रात मेहनत करते हैं और इसी से होने वाली कमाई से उन्होंने बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाया. घर की आर्थिक तंगी के बावजूद अभिलाष ने हार नहीं मानी. सीकर में ही रहकर कोचिंग की और पहले प्रयास में ही टॉप 20 में जगह बना ली. उनकी कहानी पूरे प्रदेश और देश के तमाम युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है. वहीं एक कहानी बिहार के पटना से कोटा आकर तैयारी करने वाले रणवीर की भी है, जिनकी सफलता के पीछे उनकी मां का त्याग छिपा है.
गांव और शहर दोनों में खुशी का माहौल
अभिलाष की इस सफलता के बाद सीकर में हर तरफ, गांव से लेकर शहर में सिर्फ यही चर्चा है कि किसान का बेटा डॉक्टर बनेगा. लोग उनके घर बधाई देने पहुंच रहे हैं और अभिलाष की इस सफलता की खूब तारीफ हो रही है. उनके गांव के लोगों का कहना है कि उन्हो साबित कर दिया कि संसाधन कम हों तो भी लगन से सब मुमकिन है.
पटना के रणवीर को मिला मां का आशीर्वाद
दूसरी कहानी की बात करें तो ये कोटा में तैयारी करने वाले पटना के रणवीर की है, जिन्होंने नीट री-एग्जाम में AIR-39 हासिल कर अपने परिवार का नाम ऊंचा किया है. उनकी इस रैंक के पीछे एक मां का त्याग छिपा है. एग्जाम से ठीक 2 दिन पहले रणवीर की मां बेटे का एग्जाम सेंटर देखने जा रही थीं, तभी उनका एक्सीडेंट हो गया. रास्ते में टेम्पो पलट गया और उनके सिर में गहरी चोट आ गई.
एक्सीडेंट के बाद डॉक्टरों ने उनकी मां को आराम की सलाह दी, लेकिन एग्जाम वाले दिन मां ने दर्द की परवाह नहीं की. पट्टी बंधे सिर के साथ वो बेटे को सेंटर पर छोड़ने पहुंचीं. रणवीर कहते हैं- "मां को उस हालत में देखकर लगा, अब फेल नहीं हो सकता." अब रिजल्ट आने के बाद जब उनकी 39वीं रैंक आई तो रणवीर की आंखें भर आईं. उन्होंने कहा "ये रैंक मेरी नहीं, मेरी मां की मेहनत और जज्बे की है."
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