NEET 2026 परीक्षा में लुधियाना के आर्यन गुप्ता ने टॉप किया है. उन्होंने 720 में से 715 नंबर लाकर AIR-1 हासिल किया है. 20 लाख छात्रों ने ये परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख छात्र क्वालिफाई हुए हैं. इन सभी में सबसे ज्यादा नंबर हासिल करने वाले आर्यन गुप्ता ने एनडीटीवी से खास बातचीत की, इस दौरान आर्यन बताया कि कैसे उन्होंने ये मुकाम हासिल किया और इसके पीछे उनकी कितनी मेहनत है. नीट टॉप आर्यन ने बताया कि इसके लिए उन्होंने दिन में 18 घंटे तक पढ़ाई की, साथ ही परिवार के लोगों का भी पूरा सपोर्ट रहा. सबसे दिलचस्प बात आर्यन ने ये बताई कि नीट के पहले पेपर यानी 3 मई को हुए एग्जाम में उनके 996 नंबर ही आ रहे थे.
बड़े भाई को दिया क्रेडिट
आर्यन ने एनडीटीवी के साथ बात करते हुए बताया, बहुत ज्यादा खुशी हो रही है, पेरेंट्स और टीचर्स काफी ज्यादा खुश हैं. मैं अपने शब्दों में बयां नहीं कर सकता हूं कि मुझे कितनी खुशी हो रही है. जब आर्यन से पूछा गया कि अपनी इस सफलता का क्रेडिट वो किसे देते हैं? इस पर उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई आदित्य गुप्ता ने दो साल में उनकी काफी ज्यादा मदद की. आदित्य ने पिछले साल खुद NEET परीक्षा दी थी, जिसमें उन्हें 54वीं रैंक मिली थी.
कितने घंटे पढ़ना जरूरी?
नीट टॉपर आर्यन ने बताया कि पढ़ाई काफी ज्यादा करनी होती है, लेकिन ज्यादा जरूरी ये है कि आप जितना टाइम पढ़ रहे हैं, उस टाइम में पूरा फोकस वहीं होना चाहिए. अगर कोई मेहनत करे तो अच्छी रैंक मिल सकती है.
नीट के पहले एग्जाम में मिले थे कम नंबर
आर्यन ने बताया कि 3 मई को हुए नीट यूजी एग्जाम में उनके नंबर कम आए थे. पेपर उतना अच्छा नहीं गया था, तब मैंने कैलकुलेट किया तो मेरे 696 नंबर आ रहे थे. इसके बाद जब री-नीट हुआ तो मैंने अपने दिमाग से सारा प्रेशर हटा दिया, पहले वाले एग्जाम में रैंक-1 का प्रेशर था. दूसरे एग्जाम में मेरा काफी अच्छा पेपर हुआ और मैंने दोनों टाइम मेहनत की थी. मेरे हाथ में यही था कि मैं शांत होकर पेपर दूं.
नंबर बराबर, फिर भी रैंक में अंतर! ऐसे तय हुई NEET टॉपर आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल की रैंक
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