NEET Re-Exam Strategy: नीट की दोबारा होने वाली परीक्षा मुश्किल से एक महीने दूर है. ऐसे में कई छात्र दोबारा कोटा शहर के कोचिंग संस्थानों में लौट रहे हैं, वहीं बाकी छात्र ऑनलाइन कोचिंग शुरू कर चुके हैं. अब NEET री-एग्जाम या जैसा कि इसे अब “RENEET” कहा जा रहा है, उसके लिए एक अलग तरह के स्टडी मॉड्यूल की जरूरत है. राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में इसका फॉर्मूला भी तैयार हो गया है, छात्रों को एक खास पैटर्न में तैयारी कराई जा रही है और उनकी सेहत का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है.
नए स्टडी मॉडल की शुरुआत
3 मई को हुई परीक्षा से पहले , इस साल मार्च में ही क्लासेस, सिलेबस और रिविजन पूरा हो चुका था. लेकिन 3 मई की परीक्षा के बाद छात्रों ने थोड़ा ब्रेक लिया, तभी 12 मई को उन्हें पता चला कि पेपर लीक हो गया था और परीक्षा रद्द कर दी गई है. लेकिन जून में होने वाले RENEET की तैयारी अब पूरी तरह एक नए स्टडी मॉडल पर आधारित है, जिससे स्कोर बूस्ट होंगे और स्मार्ट revision के तहत एक महीने में पूरा सिलेबस दोबारा रिफ्रेश हो जाएगा.

ड्रेस रिहर्सल समझकर भूल जाएं 3 मई वाला एग्जाम
विनोद कुमावत , एलन कोटा में फिजिक्स फैकल्टी और हेड ऑफ एकेडमिक्स हैं. उनका कहना है कि “3 मई की परीक्षा को अब एक ड्रेस रिहर्सल की तरह देखना चाहिए. छात्रों को इसे नकारात्मक रूप में नहीं लेना चाहिए. बल्कि 3 मई की परीक्षा का इस्तेमाल छात्रों को अपनी ताकत और कमजोरियों की पहचान करने के लिए करना चाहिए और फिर जून की परीक्षा के लिए इन्हीं लक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए. 3 मई की परीक्षा के स्कोर का विश्लेषण करने के बाद हम छात्रों को RENEET के लिए अपनी रणनीति तैयार करने की सलाह दे रहे हैं."
ऐसे हो रही है पढ़ाई
उन्होंने आगे बताया कि, "हमारा संस्थान फ्री ऑनलाइन और कोटा में रजिस्टर्ड छात्रों के लिए ऑफलाइन कोर्स उपलब्ध करा रहा है. सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक कोचिंग क्लास होती है, जिसमें उन विषयों और टॉपिक्स पर फोकस किया जाता है जिन्हें अधिक वेटेज की जरूरत है. यह क्लास उन छात्रों के लिए वैकल्पिक है जो किसी विशेष टॉपिक को गहराई से समझना चाहते हैं. यह एक तरह की स्कोर बूस्टर क्लास है. इसके बाद दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक टेस्ट सीरीज होती है. ये प्रैक्टिस टेस्ट हैं और RENEET देने वाले छात्रों को इन पर पूरा फोकस करना चाहिए और रोजाना इन्हें देना चाहिए.”
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रोजाना टेस्ट सीरीज जरूरी
हालांकि कुमावत की सलाह के साथ एक शर्त भी है. उनका कहना है कि छात्रों को अपनी रणनीति 3 मई की परीक्षा में अपने प्रदर्शन के विश्लेषण के आधार पर बनानी चाहिए. जो छात्र कट-ऑफ के करीब थे और अच्छा प्रदर्शन कर चुके थे, उन्हें रोज टेस्ट सीरीज देनी चाहिए. लेकिन जो छात्र कट-ऑफ से काफी दूर थे और 3 मई की परीक्षा में अच्छा नहीं कर पाए, उन्हें अब 2027 की तैयारी शुरू करने या मेडिकल साइंस में अन्य विकल्पों के बारे में सोचना चाहिए.

री-टेस्ट कैसा होगा?
कुमावत ने बताया कि री-एग्जाम कैसा होगा, यह तो कोई भी निश्चित रूप से नहीं कह सकता, लेकिन ट्रेंड को देखते हुए 2026 का NEET पेपर 2025 की तुलना में आसान था और चूंकि यह री-एग्जाम है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि यह 3 मई की परीक्षा से थोड़ा कठिन हो सकता है. इसी सलाह और विश्लेषण के आधार पर छात्र अब RENEET की तैयारी में जुट गए हैं, जिसकी उलटी गिनती अब वास्तव में शुरू हो चुकी है.
योग के साथ रिविजन पर फोकस
12 वर्षों के शिक्षण अनुभव वाले केमिस्ट्री शिक्षक सुनील नयन कहते हैं कि, "व्यायाम, नींद और फोकस्ड स्टडी ही उनके REWISE क्लासेज के 100 से अधिक छात्रों के लिए सफलता का मंत्र है. उन्होंने बताया, “हम सुबह छह घंटे की क्लास लेते हैं, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी को दो-दो घंटे दिए जाते हैं. इसमें हम इस बात पर फोकस करते हैं कि री-एग्जाम में कौन-कौन से चैप्टर आ सकते हैं. इसके बाद हम छात्रों को तीन घंटे की व्यक्तिगत प्रैक्टिस के लिए प्रेरित करते हैं और फिर सुबह और शाम आधा-आधा घंटा रिविजन कराया जाता है. यानी कुल मिलाकर लगभग 12 घंटे की पढ़ाई, 7 घंटे की नींद और सुबह-शाम आधा घंटा योग या एक्सरसाइज, इस पर हम जोर देते हैं.”
केमिस्ट्री टीचर ने बताया कि हम केवल टेस्ट सीरीज पर फोकस नहीं कर रहे हैं. हम हफ्ते में सिर्फ दो बार मॉक टेस्ट या टेस्ट सीरीज करवा रहे हैं, जिसे छात्र खुद हल करता है. हमारा फोकस 2024, 2025 और 2026 के पेपर्स पर है, क्योंकि 2023 के बाद सिलेबस बदल गया था. इसलिए हम छात्रों को इन्हीं वर्षों के पांच विशेष पेपर्स हल करवाने पर ध्यान दे रहे हैं. 2024 के बाद परीक्षा पैटर्न भी बदल गया, इसलिए अगर छात्र इनकी अच्छी प्रैक्टिस करें तो परीक्षा निकालने की संभावना काफी बढ़ जाती है. साथ ही NCERT सिलेबस पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है, क्योंकि अब NEET पूरी तरह NCERT आधारित हो चुका है.

कोटा में हो रही लाखों छात्रों की तैयारी
कोटा में करीब दर्जनभर प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान हैं. देश में 22 लाख से अधिक छात्रों ने यह परीक्षा दी थी, जिनमें लगभग 37,000 छात्रों का परीक्षा केंद्र कोटा था और लगभग एक लाख से अधिक छात्रों ने यहां के विभिन्न संस्थानों से कोचिंग ली थी. कोचिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि फिलहाल कोटा में पढ़ रहे छात्रों में से लगभग 60 प्रतिशत NEET परीक्षा पर केंद्रित हैं और यह कोचिंग सिटी, जिसने पहले भी शानदार सफलता दर दिखाई है, अब चुनौतीपूर्ण RENEET में भी बड़ी संख्या में छात्रों को सफलता दिलाने की उम्मीद कर रही है.
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