NTA NEET Re-Exam Preparations: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया है. सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान एनटीए ने बताया कि दोबारा होने वाली परीक्षा यानी नीट री-एग्जाम को लेकर क्या-क्या तैयारियां की जा रही हैं. इसमें कई ठोस कदम उठाए जाने और मजबूत व्यवस्था लागू करने की बात कही गई. इसके अलावा एनटीए ने ये भी बताया कि ट्रांसलेशन के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा.
एनटीए ने बताया क्या-क्या हो रहे बदलाव
एनटीए ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाई स्टेक परीक्षाओं में पेपर सेटर, मॉडरेटर, अनुवादक, प्रूफरीडर आदि को चुनने के लिए रैंडमाइजेशन और रोटेशन पॉलिसी को संस्थागत रूप दिया जा रहा है. साथ ही, परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के बैकग्राउंड को चेक करने में सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
सिक्योर टेस्टिंग सेंटर बनाने की योजना
एनटीए ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए देशभर के जाने-माने सरकारी संस्थानों में कम से कम 1,000 अत्याधुनिक सुरक्षित टेस्टिंग सेंटर बनाने की योजना है. इन केंद्रों पर क्लाउड-बेस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई-एमएल, ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. पूरी प्लानिंग और एग्जीक्यूशन प्रोसेस की अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ निगरानी की जाएगी.
एनटीए के मुताबिक, सभी परीक्षा केंद्रों पर एआई-इनेबल्ड रियल-टाइम सीसीटीवी मॉनिटरिंग लागू की जा रही है. एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी सिस्टम और नेक्स्ट-जनरेशन फायरवॉल लगाए गए हैं. परीक्षा डिलीवरी और रिजल्ट प्रोसेसिंग के लिए आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह अपग्रेड किया गया है. पेपर लीक के बाद अब 21 जून को नीट का री-एग्जाम होना है, जिसके लिए ये तमाम तैयारियां की जा रही हैं.
(इनपुट - IANS)
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