Maharashtra School Curriculum Update: महाराष्ट्र सरकार ने स्कूल करीकुलम से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार अब स्कूल करीकुलम में नशामुक्ति (Drug De-addiction) से जुड़े अध्याय शामिल करने जा रही है. इसको लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्कूल शिक्षा विभाग की रिव्यू मीटिंग में अधिकारियों को इस दिशा में काम करने के निर्देश भी दे दिए हैं. आइए जानते हैं स्कूल लेवल पर नशा मुक्ति जैसा चैप्टर शामिल करने से छात्रों के जीवन में क्या बदलाव होगा.
'ड्रग-फ्री स्कूल' चलाया जाएगा अभियान
सरकार का मानना है कि बदलते दौर में छात्रों को नशे और साइबर अपराध जैसी बढ़ती चुनौतियों को लेकर समय रहते जागरूक करना बेहद जरूरी है. इसी को लेकर स्कूलों में एंटी-ड्रग मार्गदर्शन और काउंसिलिंग कमेटियों का गठन किया जाएगा. साथ ही राज्यभर में ‘ड्रग-फ्री स्कूल' अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के नुकसानों के बारे में बताया जा सके.
मराठी भाषा में पढ़ाई और एग्जाम है अनिवार्य
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को लेकर बड़ी बात कह दी है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों के बाद केंद्र ने एनसीईआरटी की पुस्तकों में छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को ज्यादा विस्तार से पढ़ाए जाने पर सहमति जताई है. इसके साथ ही उन्होंने स्कूल करिकुसम में भी शिवाजी महाराज के योगदान और विरासत को विस्तार से पढ़ाए जाने पर जोर दिया है.
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में एसएससी, सीबीएसई, आईसीएसई और आईबी बोर्ड से एफलिएटेड सभी स्कूलों में मराठी भाषा की पढ़ाई और उसी भाषा में एग्जाम कराना जरूरी है.
PGI में महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि स्कूल एजुकेशन सेक्टर में देश में महाराष्ट्र की स्थिति अच्छी हुई है और नेशनल परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 में राज्य दूसरे स्थान पर बना हुआ है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अचीवमेंट को और बेहतर बनाने के लिए पीएम श्री स्कूलों समेत सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में इनोवेशन बेस्ड एजुकेशन की पहल को बढ़ावा देना चाहिए.
इन योजनाओं से एजुकेशन सिस्टम को मिल रही मजबूत
वर्तमान में 1.08 लाख से अधिक स्कूल हैं, जहां करीब 2.20 करोड़ छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. स्टूडेंट-टीचर रेशियो 28:1 है. सरकार निपुण महाराष्ट्र मिशन, राष्ट्रीय प्रथम अभियान, 'माझी शाला सुंदर शाला' जैसी योजनाओं के जरिए एजुकेशन सिस्टम को मजबूत करने की कोशिश कर रही है.
इसके अलावा ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए ‘सुपर 100' योजना पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. इसके अंतर्गत हर जिले के 100 टैलेंटेड ग्रामीण स्टूडेंट्स को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की हाई क्वालिटी वाली कोचिंग भी कराई जाएगी.
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