दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के लीक होने और एजुकेशन सिस्टम में मौजूद गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग उठ रही है. इसके लिए हजारों की संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी बीच झारखंड में भी प्रदर्शन शुरू हो चुका है, लेकिन यहां प्रदर्शन करने वाले बीजेपी समर्थक और पार्टी से जुड़े छात्र संगठन ABVP के छात्र हैं. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर ये प्रदर्शन किया जा रहा है और सरकार को घेरने की कोशिश हो रही है. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये पूरा मामला क्या है और भर्ती को लेकर क्या बवाल है.
क्या लीक हो गया था पेपर?
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा को लेकर पहली बार सवाल नहीं उठे हैं. आयोग की भर्तियों को लेकर पहले भी ऐसे ही आरोप लगते आए हैं. हालांकि पेपर लीक नहीं हुआ है. आरोप है कि JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा परीक्षा में धांधली हुई है. प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना है कि कटऑफ और नंबरों को सार्वजनिक नहीं किया गया. बिना ट्रांसपेरेंसी के ही रिजल्ट जारी कर दिया गया. कुछ अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है.
कई अभ्यर्थियों का दावा ये भी है कि ज्यादा नंबर लाने के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ, जबकि कम नंबर लाने वालों को नौकरी मिल गई. कुल मिलाकर इस बड़ी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है. एबीवीपी के छात्रों की मांग है कि परीक्षा रिजल्ट को रद्द किया जाए और फिर से निष्पक्ष तरीके से परीक्षा हो. इस परीक्षा का रिजल्ट 2 जुलाई को जारी हुआ था, जिसके बाद से ही इसे लेकर विवाद चल रहा है.
CID को दिया गया केस
आयोग की परीक्षा को लेकर मचे बवाल के बाद राज्य सरकार की तरफ से मामला सीआईडी को सौंप दिया गया है. एग्जाम में हुई गड़बड़ी की जांच अब सीआईडी कर रही है और इसे लेकर छापेमारी भी चल रही है. आयोग के दफ्तर में CID की छापेमारी के बाद JPSC के चेयरमैन एल खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
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