JPSC Protest : 14वीं JPSC परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस मुद्दे को लेकर अब छात्र और अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं. रांची के फिरायालाल चौक पर इस वक्त हजारों छात्रों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है. परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी यहां जुटे और जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो. छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं. आइए समझते हैं क्या है पूरा मामला...
क्या है पूरा मामला
दरअसल, यह विवाद झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक (PT) परीक्षा के रिजल्ट जारी होने के बाद शुरू हुआ. अभ्यर्थियों ने बड़े पैमाने पर ओएमआर (OMR) शीट में कथित गड़बड़ी, परीक्षा में पारदर्शिता की कमी, एग्जाम एजेंसी की भूमिका और JPSC अधिकारियों की कथित मिलीभगत जैसे आरोप लगाए.
जब शिकायतें बढ़ गईं तो राज्य सरकार ने सीआईडी (CID) को जांच सौंप दी. इसके बाद छापेमारी, लगातार गिरफ्तारियां और डिजिटल एविडेंस की बरामदगी ने पूरे मामले को और तूल दे दिया. अब यह मामला केवल जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीति भी गरमा गई है.
जांच का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता गया. CID की टीम ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के आवास पर भी जांच की और कई अधिकारियों और कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की. एजेंसी अब एग्जाम सिस्टम की बारीकी से जांच कर रही है.
इस मामले में CID अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. गिरफ्तार आरोपियों में TDPL के निदेशक रामवीर सिंह, मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी, JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, कर्मचारी मोहम्मद उस्मान, सोनू कुमार, हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह, संजय कुमार, अभय तिवारी के सहयोगी अरविंद कुमार और मोहम्मद एबाद शामिल हैं. सभी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है और पूछताछ जारी है.
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