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This Article is From Sep 26, 2025

IP University: आईपी यूनिवर्सिटी में खुला भारतीय ज्ञान प्रणाली और प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र

इस अवसर पर बोलते हुए यूनिवर्सिटी के कुलपति पद्मश्री प्रोफेसर (डॉ.) महेश वर्मा ने कहा कि भारत ज्ञान एवं अध्यात्म की भूमि है।हमें प्राचीन ज्ञान को सहेज कर रखना है क्योंकि आज के दौर में भी ये प्रासंगिक हैं.

IP University: आईपी यूनिवर्सिटी में खुला भारतीय ज्ञान प्रणाली और प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र
नई दिल्ली:

IP University: आईपी यूनिवर्सिटी के द्वारका परिसर में आज भारतीय ज्ञान प्रणाली और प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (सीआईकेएसटीआई) का उद्घाटन किया गया. यह केंद्र यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय में स्थापित किया गया है. उस केंद्र के लिए अलग से स्पेस आवंटित किया गया है और सेल्फ़ में प्राचीन ज्ञान विज्ञान की ढेर सारी दुर्लभ किताबें रखी गई हैं. इस अवसर पर एक परिचर्चा का आयोजन भी किया गया. इस अवसर पर बोलते हुए यूनिवर्सिटी के कुलपति पद्मश्री प्रोफेसर (डॉ.) महेश वर्मा ने कहा कि भारत ज्ञान एवं अध्यात्म की भूमि है।हमें प्राचीन ज्ञान को सहेज कर रखना है क्योंकि आज के दौर में भी ये प्रासंगिक हैं.

उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है इस केंद्र को भी देश में स्थापित अन्य केंद्रों की तरह सरकारी पहचान मिले. इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि भारत की मूल विधाएं हम भूल चुके हैं।हमने पश्चिमी सभ्यता की कमजोर कड़ियों को अपना रखा है. उन्होंने कहा कि सिर्फ़ आर्थिक विकास से पूर्ण विकास संभव नहीं है।खोई हुई कड़ियों को जोड़ने के लिए हमें प्राचीन विद्या के सागर में गोते लगाने पड़ेंगे।यह समय प्राचीन ज्ञान के प्रतिस्थापन का है.

निपा की कुलपति प्रो. शशिकला बंजारी ने प्राचीन ज्ञान परंपरा को विज्ञान से जोड़ने की ज़रूरत पर बल दिया. यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ एजुकेशन की डीन प्रो. सरोज शर्मा को इस केंद्र का प्रमुख बनाया गया है.

केंद्र के उद्देश्य

भारतीय ज्ञान प्रणाली और प्रौद्योगिकी नवाचार: यह केंद्र भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ एकीकृत करके अनुसंधान और नवाचार के लिए एक हब के रूप में कार्य करेगा.

एनईपी 2020 के साथ संरेखण: केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप कार्यक्रम शुरू करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिससे भारतीय शिक्षा प्रणाली की भूमिका भविष्य के लिए तैयार शैक्षणिक और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने में मजबूत होगी.

अंतरविषय परियोजनाएं और उद्योग-अकादमिक सहयोग: सीआईकेएसटीआई अंतरविषय परियोजनाओं को बढ़ावा देने, शैक्षणिक-उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने और भारत की समृद्ध सभ्यतागत ज्ञान को आधुनिक शिक्षा और प्रौद्योगिकी प्रथाओं के साथ एकीकृत करने का प्रयास करता.

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