Indian Diaspora in Germany: ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जर्मनी में भारतीय प्रवासियों (Indian Diaspora) की संख्या रिकॉर्ड 3,32,000 तक पहुंच गई है. इसके अलावा, करीब 70,000 भारतीयों ने वहां की नागरिकता भी ले ली है. यानी आज जर्मनी में कुल भारतीय मूल के लोगों की संख्या लगभग 4 लाख के पार पहुंच चुकी है, जो साल 2014 में 50,000 थी. बता दें कि केवल पिछले दो सालों में ही 60,000 से अधिक नए भारतीय नागरिक काम और अवसरों की तलाश में जर्मनी आए हैं.
किफायती पढ़ाई के दम पर भारतीय छात्रों ने गाड़े झंडेनौकरीपेशा लोगों के साथ-साथ भारतीय छात्रों के बीच भी जर्मनी पहली पसंद बनता जा रहा है. महज 6 साल पहले जर्मनी में सिर्फ 25,000 भारतीय स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन साल 2024 में यह संख्या 50,000 हुई और इस साल यानी 2026 में यह आंकड़ा छलांग लगाकर 70,000 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है.
इसकी सबसे बड़ी वजह है पढ़ाई का बेहद किफायती (Affordable) होना. जर्मन स्टेट यूनिवर्सिटीज (सरकारी विश्वविद्यालयों) में प्रति सेमेस्टर ट्यूशन फीस सिर्फ 750 यूरो है, जिसका मतलब है कि पूरे साल की पढ़ाई का खर्च महज 1,500 यूरो बैठता है. बेहद कम खर्च में वर्ल्ड क्लास एजुकेशन मिलने के कारण ही आज भारतीय युवा अपनी उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी का रुख कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें- दुनिया के टॉप 100 म्यूजियम में बिहार म्यूजियम को मिला 9वां स्थान, न्यूयॉर्क-पेरिस को भी पछाड़ा!
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं