NCERT किताबों की काला बाजारी पर एनडीटीवी की रिपोर्ट के बाद NCERT ने सख्त कदम उठाए हैं. एनसीईआरटी ने ऑनलाइन प्लेटफार्म अमेजॉन को तुरंत इस किताब को अपने प्लेटफार्म से हटाने को कहा है. NDTV ने इसे उजागर करते एक खबर छापी थी, उसके बाद NCERT ने ये सख्त कदम उठाया है. NCERT की तरफ से कहा गया कि किताबें सिर्फ उनके अधिकृत वेंडर बेचते हैं, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कैसे इसे बेच रहे थे इसका पता वो लगा रहे हैं. फिलहाल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से किताब की बिक्री को तुरंत हटाने को कह दिया गया है. NCERT ने ये भी कहा कि गुरुवार से ये किताब NCERT के अधिकृत पोर्टल और काउंटर पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगी.
899 में बिक रही थी 205 रुपये की किताब
NCERT की SCIENCE की किताब EXPLORATION का सरकारी दाम 205 रुपये और बाईंडिंग समेत 225 रुपये है, लेकिन यही किताब ऑनाइन 899 रुपए में बिक रही है. जाने माने शिक्षाविद केशव अग्रवाल ने एक्स पर स्क्रीन शेयर करते लिखा कि अमेजॉन जैसे आनलाइन प्लेटफार्म पर NCERT की 9वीं क्लास की साइंस किताब को 899 रुपए में बेच रही है. इस मामले को लेकर एनडीटीवी ने NCERT के डायरेक्टर से बातचीत की तो उन्होंने हैरानी जताते कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है आप इस बाबत NCERT के बिजनेस हेड से बात कर लें. लेकिन बिजनेस हेड को बार बार फोन और मैसेज देने के बावजूद उनका जवाब नहीं आया.
इस बीच जब 2 घंटे बाद दोबारा अमेजॉन के आन लाइन प्लेटफॉर्म पर इस किताब को चेक किया गया तो अब ये किताब उपलब्ध नहीं दिखाई जा रही है यही नहीं किताब का दाम भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया. जबकि शिक्षाविद केशव अग्रवाल कहते हैं कि सुबह 9 बजे तक ये किताब 899 रुपए डिस्काउंट करके बिक रही थी, जब उन्होंने एक्स पर लिखा और मीडिया ने इसे उठाया फिर हो सकता हो कि इसे हटा लिया गया हो.
NCERT किताबों की काला बाजारी, सरकारी दाम 205 रुपए, ऑनलाइन बिक रही है 899 रुपए
दुकानदारों ने जताई हैरानी
खुद एनडीटीवी की टीम ने दिल्ली के कई NCERT की किताब बेचने वाले दुकानदारों से बात कि तो पता चला कि ज्यादातर दुकानों पर ये किताब उपलब्ध नहीं है. उन्होंने बताया कि किताब का 205 रुपए सरकारी दाम है, लेकिन बाईंडिंग करके ये किताब 225 रुपए में बेची जाती है. दुकानदारों ने हैरानी जताई कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ये किताब कैसे उपलब्ध हो सकती है.
NCERT की किताबों की कमी क्यों हुई
सोचिए देश की राजधानी का जब ये हाल है तो देश के दूरदराज इलाकों में 9वीं क्लास की किताब कब पहुंचेगी. इसका जवाब किसी के पास नहीं है. NCERT के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 9वीं के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है. सत्र शुरू होने से महज कुछ दिन पहले ही पाठ्यक्रम मिला है, इसके वजह से किताबों को छपने और वितरण में देरी हुई है.
एक अभिभावक जीतेंद्र कहते हैं कि कक्षा नौवीं कि किताब EXPLORATION को अप्रैल में रिलीज करते वक्त इसके वितरण का कोई प्लान क्यों नहीं तैयार किया गया. जब ये किताब नहीं मिल रही है तो बहुत सारे अभिभावकों ने मंहगे दाम में ही ऑनलाइन किताब खरीद ली है, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. शिक्षाविद केशव अग्रवाल भी इसी तरह के सवाल उठा रहे हैं, उनका कहना है कि NCERT के पोर्टल पर सीधे तौर पर ये किताब खरीदने का विकल्प क्यों नहीं है.
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