स्कूलों का सत्र शुरु हो चुका है लेकिन NCERT के नौंवी क्लास की किताब की मारा मारी शुरु हो चुकी है. दिल्ली के ज्यादातर दुकानों पर NCERT के साइंस exploration की किताब, गणित और सोशल साइंस की किताब की कमी है. लेकिन आनलाइन प्लेटफार्म पर यही किताबें चार से पांच गुना दाम पर मिलनी शुरु हो गई हैं.
ऑनलाइन महंगी बिक रहीं किताबें
आपको जानकार हैरानी होगी कि NCERT की SCIENCE की किताब EXPLORATION का सरकारी दाम 205 रुपए है और बाईंडिंग समेत 225 रुपए की है, लेकिन यही किताब ऑनलाइन 899 रुपए में बिक रही है. जाने माने शिक्षाविद केशव अग्रवाल ने एक्स पर स्क्रीन शेयर करते हुए लिखा कि कि एमेजॉन जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्म पर NCERT की 9वीं क्लास की साइंस किताब 899 रुपए में बेची जा रही है.
जब NDTV ने इस बात की जानकारी NCERT के डायरेक्टर को दी तो उन्होंने हैरानी जताते कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है, आप इस बाबत NCERT के बिजनेस हेड से बात कर लें. लेकिन बिजनेस हेड को बार-बार फोन और मैसेज देने के बावजूद उनका जवाब नहीं आया.
इस बीच जब 2 घंटे बाद दोबारा अमेजॉन के ऑनलाइन प्लेटफार्म पर इस किताब को चेक किया गया, तो अब ये किताब उपलब्ध नहीं दिखाई जा रही है. यही नहीं, किताब के दाम भी ऑनलाइन प्लेटफार्म से हटा दिए गए हैं.
शिक्षाविद केशव अग्रवाल कहते हैं कि सुबह 9 बजे तक ये किताब 899 रुपए डिस्काउंट करके बिक रही थी. जब उन्होंने एक्स पर लिखा और मीडिया ने इसे उठाया फिर हो सकता हो कि इसे हटा लिया गया हो.
खुद एनडीटीवी की टीम ने दिल्ली के कई NCERT की किताब बेचने वाले दुकानदारों से बात की तो पता चला कि ज्यादातर दुकानों पर ये किताब उपलब्ध नहीं है. उन्होंने बताया कि किताब का 205 रुपए सरकारी दाम है, लेकिन बाइडिंग करके ये किताब 225 रुपए में बेची जाती है. दुकानदारों ने हैरानी जताई कि आनलाइन प्लेटफार्म पर ये किताब कैसे उपलब्ध हो सकती है.
NCERT की किताबों की कमी क्यों हुई
NCERT के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 9वीं के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है. सत्र शुरु होने से महज कुछ दिन पहले ही पाठ्यक्रम मिला है. इसकी वजह से किताबों को छपने और वितरण में देरी हुई है.
एक अभिभावक जीतेंद्र कहते हैं कि कक्षा नौवीं की किताब EXPLORATION को अप्रैल में रिलीज करते वक्त इसके वितरण का कोई प्लान क्यों नहीं तैयार किया गया. जब ये किताब नहीं मिल रही है तो बहुत सारे अभिभावकों ने मंहगे दाम में ही ऑन लाइन किताब खरीद ली है. उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा.
मशहूर शिक्षाविद केशव अग्रवाल भी इसी तरह के सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि NCERT के पोर्टल पर सीधे तौर पर ये किताब खरीदने का विकल्प क्यों नहीं है. NCERT ने पाठ्यक्रम को लॉन्च कर दिया बिना किताबों की उपलब्धता के, ये सरासर लापरवाही है. इसी के चलते ऑनलाइन प्लेटफार्म को फायदा पहुंच रहा है कि वो अभिभावकों से मनमाना पैसा वसूलें.
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