मेडिकल स्टोर खोलने के लिए किराए की दुकान लेकर उसमें दवा का स्टॉक भर लेना काफी नहीं होता है. क्योंकि यह लोगों की सेहत से जुड़ा मामला है, ऐसे में आपके पास दवाईयों की सही जानकारी होनी जरूरी है. इसलिए सरकार ने दवा की दुकान खोलने के लिए सख्त नियम बनाएं हैं. आज के इस लेख में हम आपको यहां पर केमिस्ट शॉप खोलने के लिए आपको क्या पढ़ाई करनी होती है और लाइसेंस कैसे मिलेगा, ये सारी जानकारी डिटेल में बताने जा रहे हैं...
मेडिकल स्टोर खोलने के लिए क्या डिग्री चाहिए?
सरकारी नियमों के मुताबिक अगर आप मेडिकल स्टोर खोलना चाहते हैं तो आपके पास डी.फार्म (Diploma in Pharmacy) या बी.फार्म (Bachelor of Pharmacy) की डिग्री होनी चाहिए. साथ ही संबंधित राज्य में फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराना भी जरूरी होता है.
लाइसेंस लेने के लिए और क्या चाहिए?
फार्मासिस्ट का होना जरूरीहालांकि, दुकान का मालिक बनने के लिए हर मामले में फार्मेसी की डिग्री जरूरी नहीं होती. कोई भी भारतीय नागरिक मेडिकल स्टोर का मालिक हो सकता है, लेकिन दुकान पर लाइसेंस की शर्तों के अनुसार रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की होना जरूरी है. यह आपको सुनिश्चित करना होगा.
विभाग इन चीजों की करता है जांचइसके अलावा दवा बेचने के लिए संबंधित राज्य के ड्रग कंट्रोल डिपार्टेमेंट से रिटेल ड्रग लाइसेंस लेना पड़ता है. बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री करना कानून का उल्लंघन माना जाता है. बता दें कि लाइसेंस जारी करने से पहले विभाग दुकान किस जगह है, स्टोरेज की व्यवस्था कैसी है, रेफ्रिजरेटर और अन्य जरूरी सुविधाओं की गहराई से जांच करता है.
दवा की दुकान खोलने के लिए 10 वर्गमीटर जरूरीकई राज्यों में रिटेल फार्मेसी के लिए कम से कम 10 वर्गमीटर जगह की जरूरी होती है. इसके अलावा टेंपरेचर कंट्रोल करने के लिए दवाओं के लिए रेफ्रिजरेशन की व्यवस्था भी अनिवार्य है.
कुल मिलाकर अगर आपको मेडिकल स्टोर खोलना है, तो आपके पास वैलिड लाइसेंस, नियमों का पालन और रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट का होना इस बिजनेस की सबसे महत्वपूर्ण शर्तें हैं.
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