CBSE Three Language Policy FAQ : सुप्रीम कोर्ट के सेंट्रल बोर्ड सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर हालिया फैसले के बाद स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के मन में कई सवाल हैं. क्या क्लास 10 में थर्ड लैंग्वोज की बोर्ड परीक्षा देनी होगी? अगर स्टूडेंट तीसरी भाषा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया तो क्या वह फेल हो जाएगा? क्या यह नियम कक्षा 6 के छात्रों पर भी लागू होगा? इन सभी सवालों के जवाब जानना जरूरी है. तो चलिए समझते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद छात्रों के लिए क्या बदला है.
1- सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया है?जवाब: सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को भी वही छूट देने का आदेश दिया है, जो पहले से कक्षा 7, 8 और 9 के छात्रों को दी गई है. यानी नई थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के कारण इन छात्रों पर अतिरिक्त बोर्ड परीक्षा का दबाव नहीं डाला जाएगा.
2- क्या कक्षा 6 के छात्रों को तीसरी भाषा पढ़नी होगी?जवाब: हां, छात्रों को तीसरी भाषा की पढ़ाई जारी रखनी होगी. हालांकि, इसके लिए कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य नहीं होगा.
3- क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा देनी पड़ेगी?जवाब: नहीं. मौजूदा कक्षा 6, 7, 8 और 9 के स्टूडेंट्स को क्लास 10 में तीसरी भाषा की CBSE बोर्ड एग्जाम देना कंपल्शन नहीं होगा.
4- तीसरी भाषा का मूल्यांकन कैसे होगा?जवाब: थर्ड लैंग्वेज का इवैल्युएशन केवल स्कूल लेवल पर इंटरनल असेसमेंट (Internal Assessment) के जरिए किया जाएगा.
5- अगर स्टूडेंट तीसरी भाषा में फेल हो जाए तो क्या होगा?जवाब: केवल तीसरी भाषा के नंबर या उसके रिजल्ट के आधार पर किसी स्टूडेंट को फेल नहीं किया जाएगा और न ही उसे अगली कक्षा में जाने से रोका जाएगा.
6- सुप्रीम कोर्ट ने यह छूट क्यों दी?जवाब: अदालत ने कहा कि कई छात्रों ने पहले ही अपनी लैंग्वेज का सिलेक्शन कर लिया था. ऐसे में बीच सेशन में नया सिस्टम लागू करना स्टूडेंट्स के लिए परेशानी पैदा कर सकता था.
7- केंद्र सरकार का क्या कहना था?जवाब: केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि वह कक्षा 6 के स्टूडेंट्स को छूट देने के पक्ष में नहीं है. सरकार का कहना था कि करीब 99 फीसदी सीबीएसई (CBSE) स्कूल NEP लागू करने के लिए तैयार हैं.
8- क्या सभी CBSE स्कूल नई नीति लागू करने के लिए तैयार हैं?जवाब: सरकार के अनुसार देश के 28,819 सीबीएसई (CBSE) स्कूलों में से लगभग 99 फीसदी स्कूलों में जरूरी व्यवस्था मौजूद है. कुछ स्कूलों में अभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी बाकी हैं.
9- सॉफ्ट लॉन्च से क्या मतलब है?जवाब: सुनवाई के दौरान अदालत ने सुझाव दिया था कि नई व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने के बजाय पहले "सॉफ्ट लॉन्च" किया जाए, ताकि छात्रों को अचानक बदलाव का सामना न करना पड़े.
10- क्या 2027 तक नीति टालने की मांग की गई थी?जवाब: हां. याचिकाकर्ताओं की ओर से मांग की गई थी कि कक्षा 6 में नई नीति का इंप्लीमेंटेशन कम से कम 2027 तक टाला जाए.
11- अंग्रेजी को लेकर विवाद क्या है?जवाब: सुनवाई के दौरान कुछ वकीलों ने अंग्रेजी को नॉन-नेटिव लैंग्वेज मानने पर सवाल उठाया. उनका तर्क था कि इससे छात्रों के भाषा ऑप्शन सीमित हो सकते हैं. अदालत ने इस मुद्दे पर भी विचार करने की बात कही है.
12- छात्रों और अभिभावकों की चिंता क्या है?जवाब: याचिकाकर्ताओं ने छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव, कई स्कूलों में बुनियादी ढांचे की कमी, सीमित भाषा ऑप्शन और रूरल एरियाज में किताबों की उपलब्धता जैसी समस्याएं उठाई हैं.
13- CBSE को सुप्रीम कोर्ट ने क्या गाइलाइन दिए हैं?
जवाब: सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को एक अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है, जो उन स्कूलों की समस्याओं की जानकारी ले जहां नई भाषा नीति लागू करने के लिए जरूरी सुविधाएं अभी उपलब्ध नहीं हैं.
14- अगर कोई स्कूल तीसरी भाषा के आधार पर छात्र को रोकता है तो?
जवाब: जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने साफ कहा कि यदि कोई स्कूल इंटरनल इवैल्युएशन के बेसिस पर किसी छात्र को रोकने की कोशिश करता है, तो अदालत इस मामले में इंटरफेयर करेगी.
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