CBSE New Policy : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपनी 'थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी' (तीन भाषा नीति) को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है. बोर्ड ने साफ कर दिया है कि कुछ खास कैटेगरी के छात्रों को स्कूल में तीसरी भाषा पढ़ने की मजबूरी से पूरी तरह छूट (Exemption) दी जाएगी. इस फैसले से हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों (Parents) को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. आइए समझते हैं कि सीबीएसई के नए नियमों के मुताबिक किन छात्रों को यह छूट मिलने जा रही है.
1. दिव्यांग छात्र (Children with Special Needs - CwSN)सीबीएसई ने दिव्यांग छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए उन्हें तीसरी भाषा सीखने की अनिवार्यता से राहत दी है. यह छूट 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPwD Act, 2016) के नियमों के तहत दी जा रही है, ताकि इन बच्चों पर पढ़ाई का अतिरिक्त दबाव न पड़े.
2. विदेशों में चल रहे सीबीएसई स्कूलभारत के बाहर (जैसे खाड़ी देशों या अन्य देशों में) जितने भी सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल चल रहे हैं, वहां पढ़ने वाले छात्रों को भी इस नीति से अलग रखा गया है. इन स्कूलों के छात्र भारतीय मूल की किसी भाषा को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ने के लिए बाध्य नहीं होंगे.
3. विदेश से भारत लौटने वाले छात्रऐसे छात्र जो विदेशी नागरिक हैं या लंबे समय तक विदेश में रहने के बाद भारत लौटे हैं, उन्हें भी इस नियम में बड़ी छूट दी गई है. उन्हें भी तीसरी भाषा के रूप में किसी भारतीय मूल की भाषा को पढ़ना जरूरी नहीं होगा.
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