विज्ञापन

CBSE पर सवाल उठाने वाले Vedant Srivastava का री-इवैल्यूएशन रिजल्ट जारी, बढ़े सिर्फ इतने नंबर

CBSE OSM विवाद के केंद्र में रहे छात्र वेदांत श्रीवास्तव का री-इवैल्यूएशन रिजल्ट जारी हो गया है. जानें फिजिक्स कॉपी बदलने वाले इस मामले में उनके कितने नंबर बढ़े.

CBSE पर सवाल उठाने वाले Vedant Srivastava का री-इवैल्यूएशन रिजल्ट जारी, बढ़े सिर्फ इतने नंबर
CBSE ने पहली बार 2026 की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लागू किया था.

CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पर देशव्यापी बहस छेड़ने वाले छात्र वेदांत श्रीवास्तव के री-इवैल्यूएशनका रिजल्ट आखिरकार आ गया है. इस बात की जानकारी खुद वेदांत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर एक वीडियो शेयर कर दी. उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रोसेस के बाद उनके केवल 2 नंबर ही बढ़े हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि ये नंबर उस फिजिक्स के पेपर में नहीं बढ़े, जिसे लेकर पूरा विवाद शुरू हुआ था.

रविवार को अपने X एकाउंट पर पोस्ट किए गए वीडियो में वेदांत ने कहा, "राहत है कि आखिरकार रिजल्ट आ गया." उन्होंने साफ किया कि उन्होंने कुल 11 सवालों के री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया था. लेकिन उनके नंबर सिर्फ गणित और कंप्यूटर साइंस में बढ़े हैं. दोनों विषयों में एक-एक नंबर केवल बढ़ हैं.

वेदांत ने वीडियो में आगे कहा, "आंसर-शीट बदलने वाले मामले फिजिक्स में एक भी नंबर नहीं बढ़ा है. जो दो नंबर बढ़े हैं, उनमें से एक गणित में और दूसरा कंप्यूटर साइंस में बढ़ा है."

क्या था पूरा मामला?

यह मामला इसी साल मई में तब सामने आया, जब वेदांत ने आरोप लगाया कि रिजल्ट के बाद जब उन्होंने अपनी फिजिक्स की आंसर-शीट मंगवाई, तो वह उनकी थी ही नहीं. अपनी स्कैन की हुई कॉपी के बदले उन्हें किसी दूसरे छात्र की आंसर-शीट दिखा दी गई थी. वेदांत ने इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर आवाज उठाई, जिसके बाद उनका पोस्ट तेजी से वायरल हो गया. इसके बाद कई अन्य छात्रों ने भी बोर्ड के नए डिजिटल चेकिंग सिस्टम (OSM) पर सवाल उठाते हुए गड़बड़ियों के आरोप लगाए.

CBSE ने मानी थी गलती, 65 से सीधे हुए थे 74 नंबर

सोशल मीडिया पर भारी हंगामे के बाद, CBSE ने माना कि अनजाने में आंसर-शीट की अदला-बदली हो गई थी. इसके बाद बोर्ड ने वेदांत को उनकी असली फिजिक्स की कॉपी सौंप दी गई थी. इस सुधार के बाद वेदांत के फिजिक्स के मार्क्स 65 से बढ़कर सीधे 74 हो गए. हालांकि, अपनी असली कॉपी देखने के बाद भी वेदांत संतुष्ट नहीं थे, क्योंकि उन्हें चेकिंग में कुछ और कमियां नजर आईं. इसी वजह से उन्होंने री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया था.

लाल स्याही के निशानों ने खड़े किए नए सवाल

यह विवाद तब और बढ़ गया जब वेदांत ने अपनी असली फिजिक्स आंसर-शीट की तस्वीरें ऑनलाइन शेयर कीं. इंटरनेट यूजर्स ने ध्यान दिया कि डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) के कंप्यूटर वाले निशानों के बजाय कॉपी पर लाल पेन से नंबर दिए गए थे. इसने मार्किंग सिस्टम पर नए सवाल खड़े कर दिए, हालांकि CBSE ने इस पर कोई अलग से सफाई नहीं दी.

क्या है OSM सिस्टम और क्यों मचा है बवाल?

CBSE ने पहली बार 2026 की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लागू किया था. इसमें कॉपियों को हाथ से जांचने के बजाय, उन्हें स्कैन करके कंप्यूटर (डिजिटल) पर आंका जाता है.

इस नए सिस्टम के आने के बाद रिजल्ट से असंतुष्ट छात्रों की संख्या में भारी उछाल आया है. लाखों छात्रों ने वेरिफिकेशन, कॉपियों की फोटोकॉपी और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया है. कई छात्रों का आरोप है कि कॉपियों में कई सही जवाबों को जांचा ही नहीं गया, कुछ में कोशिश करने पर भी जीरो नंबर मिले, तो कुछ कॉपियों में अंदर दिए गए नंबर और बाहर लिखे कुल नंबरों में अंतर है. 

यह भी पढ़ें- देश में पेपर लीक का संकट: NEET UG से लेकर MAHA TET तक, दांव पर करोड़ों छात्रों का भविष्य

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com