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तारीफ भी 'जरूरी'! क्या CBSE के दबाव में ऑन-स्क्रीन मार्किंग को 'बेस्ट' कह रहे हैं प्रिंसिपल?

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने इस साल 12वीं कक्षा की कॉपियों की चेकिंग 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सिस्टम के जरिए की हैं. 12वीं का रिजल्ट आने के बाद कई छात्र अपने अंकों से असंतुष्ट नजर आए, जिसके कारण 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं.

तारीफ भी 'जरूरी'! क्या CBSE के दबाव में ऑन-स्क्रीन मार्किंग को 'बेस्ट' कह रहे हैं प्रिंसिपल?
सीबीएसई ओएसएम को लेकर विवादों में घिर गई है.

ऐसे खबरें सामने आ रही थी, जिसमें कहा गया था कि  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के क्षेत्रीय अधिकारियों ने कथित तौर पर उससे जुड़े स्कूलों के प्रिंसिपलों को आदेश दिया है कि वो 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सिस्टम के समर्थन में ही बयान दें. हालांकि शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने इन दावों को खारिज किया है. खबरों में ऐसे दावे किए जा रहे थे कि बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों ने संबद्ध स्कूलों के प्रिंसिपलों से संपर्क किया है, उनसे छात्रों को आश्वस्त करने और नई शुरू की गई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के बारे में सकारात्मक संदेश देने को कहा है. गौरतलब है कि इस बार बोर्ड ने 12वीं कक्षा की कॉपियां 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सिस्टम के जरिए चेक की है. इस चेकिंग सिस्टम पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. कई छात्रों ने दावा किया है कि OSM सिस्टम से सही से कॉपियों की जांच नहीं हुई, जिसके चलते उनके अंक कम आए हैं. 

मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, CBSE की ओर से कोई भी आधिकारिक लिखित निर्देश जारी नहीं किया गया है, जिसमें OSM प्रक्रिया की तारीफ़ करने का वीडियो बनाने को कहा गया हो. सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड ने छात्रों, शिक्षकों या प्रधानाचार्यों को इस व्यवस्था के पक्ष में बयान देने के लिए मजबूर करने हेतु कोई भी ज़बरदस्ती वाला कदम नहीं उठाया है. मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, "OSM छात्रों के लिए हितकारी है. यह अधिक पहुंच सुनिश्चित करके व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाता है.

छात्रों का एक बड़ा बहुमत OSM प्रक्रिया से संतुष्ट

मंत्रालय ने एक डेटा साझा किया है. जिसके अनुसार 18.57 लाख पंजीकृत उम्मीदवारों में से, लगभग 4.06 लाख छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की हुई प्रतियों के लिए आवेदन किया है. कुल मिलाकर, OSM प्रणाली के तहत 98.66 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया गया, जबकि 11.38 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की मांग छात्रों द्वारा की गई. अधिकारियों ने कहा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि छात्रों का एक बड़ा बहुमत OSM प्रक्रिया से संतुष्ट है और इस प्रणाली के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है.

बिना पुष्टि वाली खबरों पर भरोसा न करें

मंत्रालय ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि OSM एक टेक्नोलॉजी-आधारित सुधार पहल है. CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को दूर करने और गलत जानकारियों का मुकाबला करने के लिए X, Instagram और Facebook पर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के ज़रिए एक बहु-चैनल जागरूकता अभियान चला रहा है. सूत्रों के अनुसार, बोर्ड ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और मीडिया संगठनों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर मौजूद बिना पुष्टि वाले या सनसनीखेज़ दावों पर भरोसा न करें. बल्कि इसके बजाय CBSE की वेबसाइट पर अपलोड किए गए आधिकारिक सर्कुलर का पालन करें.

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