विज्ञापन

बोर्ड एग्जाम में गलत सवाल आने पर छात्रों को कैसे मिलते हैं नंबर? जानें कहां होती है शिकायत

How Marks Given For Wrong Questions: बोर्ड परीक्षाओं में कई बार छात्र इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि सिलेबस से बाहर का सवाल आ गया या फिर कोई गलत सवाल पूछा गया है तो क्या करें. इसके लिए पहले से ही नियम बनाए गए हैं.

बोर्ड एग्जाम में गलत सवाल आने पर छात्रों को कैसे मिलते हैं नंबर? जानें कहां होती है शिकायत
बोर्ड परीक्षा में गलत सवाल की शिकायत कहां कर सकते हैं

Board Exams 2026: सीबीएसई से लेकर यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की शुरुआत हो चुकी है. देशभर के लाखों छात्र-छात्राएं इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं. ऐसे में कुछ जगह से एग्जाम में पूछे गए सवालों को लेकर कई खबरें सामने आ रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि सवाल ही सिलेबस से बाहर हैं. यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट साहित्यिक हिंदी परीक्षा में पेपर सेटिंग में गड़बड़ी हुई और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा. ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं कि अगर परीक्षा में कोई सवाल सिलेबस से ही बाहर का हो या फिर उस सवाल में कोई गलती हो तो छात्रों को कैसे नंबर मिलते हैं या फिर इसकी शिकायत कहां की जा सकती है. 

यूपी बोर्ड ने अपना सख्त रुख

ऐसे गड़बड़ी वाले सवालों और क्वेश्चन पेपर्स को लेकर यूपी बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है और कहा है कि इसके लिए जिम्मेदार एक्सपर्ट्स को डिबार कर दिया जाएगा. इसके अलावा छात्रों को आनुपातिक अंक (Proportional Marks) देने की बात भी कही गई है. यूपी में अलग जिलों के लिए अलग खंडकाव्य तय किए गए हैं, ऐसे में जिस जिले के छात्रों को जो खंडकाव्य पढ़ाया गया, उससे जुड़े सवाल ही नहीं आए. इसे लेकर छात्रों में काफी कंफ्यूजन पैदा हुआ और पेरेंट्स ने सवाल भी खड़े किए. 

CBSE ने जारी किया था प्रोटोकॉल

इस तरह की समस्या से निपटने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने एक प्रोटोकॉल जारी किया था. इसमें ये तय हुआ था कि क्वेश्चन पेपर्स में होने वाली गलतियों या फिर आउट ऑफ सिलेबस सवालों को लेकर क्या किया जाएगा. बोर्ड की तरफ से बताया गया था कि अगर किसी छात्र को पेपर में कोई गलती या ऐसा सवाल दिखता है जो सिलेबस का हिस्सा नहीं है, तो उसे तुरंत परीक्षा हॉल में मौजूद इनविजिलेटर (निरीक्षक) को इसकी जानकारी देनी चाहिए. इसके बाद स्कूल के जरिए इस शिकायत को बोर्ड के अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा. 

ऑनलाइन एग्जाम सेंटर मैनेजमेंट सिस्टम' (OECMS) पोर्टल के जरिए स्कूल ऐसी शिकायतों को रिपोर्ट करते हैं. इस रिपोर्ट में प्रिंटिंग से लेकर गलतियों की पूरी जानकारी होनी जरूरी है. सभी स्कूलों को इस तरह के निर्देश दिए जाते हैं और छात्रों की शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाता है. हालांकि परीक्षा वाले दिन की शिकायतें भेजनी जरूरी होती हैं. 

कैसे होती है मार्किंग?

आमतौर पर ऐसे गलत सवालों के लिए बराबर मार्क्स दिए जाते हैं. यानी तय हो जाता है कि इस सवाल के लिए कितने मार्क्स दिए जाएंगे. किसी सवाल में गलती पाई जाती है, तो बोर्ड एक्सपर्ट्स की राय और शिक्षकों से मिले फीडबैक के आधार पर मार्किंग स्कीम में बदलाल किया जाता है. कुल मिलाकर ये सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी छात्र को गलत सवाल के चलते कोई भी परेशानी न हो. 

दुनिया के किन देशों के स्कूल सिलेबस में पहुंच चुका है AI? देख लीजिए पूरी लिस्ट

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com