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This Article is From Jul 29, 2025

भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं... कितनी सुंदर है इन्दीवर की लिखी ये पूरी गीत

इस देश भक्ति वाले माहौल में इन दिनों एक गीत काफी छाई हुई है. 'भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं' जिसे फेमस लिरिसिस्ट इन्दीवर ने लिखा है.

भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं... कितनी सुंदर है इन्दीवर की लिखी ये पूरी गीत
नई दिल्ली:

DeshBhakti Geet: भारत का हर नागरिक अपने देश से प्रेम करता है. क्योंकि भारत ने ऐसी कई चीजों का अविष्कार किया है, जिसे आज पूरी दुनिया याद करती है. चाहे वो बात 'जीरो' की हो या दर्शन की हो, कला संस्कृति की है. भारत हमेशा से अपनी महानता को प्रमाणित करता रहा है. कुछ हफ्ते बाद 15 अगस्त को पूरा देश आजादी का जश्न मनाएगा. इस देश भक्ति वाले माहौल में इन दिनों एक गीत काफी छाई हुई है. 'भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं' जिसे फेमस लिरिसिस्ट इन्दीवर ने लिखा है, ये गीत इतना प्यारा है कि इससे सुनने के बाद आपके अंदर भी देश भक्ति जग जाएगी. श्यामलाल बाबू राय के नाम से पैदा हुए इंदीवर ने वैसे तो फिल्मों में कई गाने लिखे हैं. न्होंने सफ़लता की ऊंचाईयों को छुआ और 300 से अधिक फ़िल्मों में 1000 से भी अधिक गाने लिखे है. 


जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने, दुनिया को तब गिनती आई
तारों की भाषा भारत ने, दुनिया को पहले सिखलाई

देता ना दशमलव भारत तो, यूँ चाँद पे जाना मुश्किल था
धरती और चाँद की दूरी का, अंदाज़ लगाना मुश्किल था

सभ्यता जहाँ पहले आई, पहले जनमी है जहाँ पे कला
अपना भारत वो भारत है, जिसके पीछे संसार चला
संसार चला और आगे बढ़ा, ज्यूँ आगे बढ़ा, बढ़ता ही गया
भगवान करे ये और बढ़े, बढ़ता ही रहे और फूले-फले

है प्रीत जहाँ की रीत सदा, मैं गीत वहाँ के गाता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँ

काले-गोरे का भेद नहीं, हर दिल से हमारा नाता है
कुछ और न आता हो हमको, हमें प्यार निभाना आता है
जिसे मान चुकी सारी दुनिया, मैं बात वही दोहराता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँ

जीते हो किसी ने देश तो क्या, हमने तो दिलों को जीता है
जहाँ राम अभी तक है नर में, नारी में अभी तक सीता है
इतने पावन हैं लोग जहाँ, मैं नित-नित शीश झुकाता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँ

इतनी ममता नदियों को भी, जहाँ माता कहके बुलाते हैं
इतना आदर इन्सान तो क्या, पत्थर भी पूजे जाते हैं
उस धरती पे मैंने जन्म लिया, ये सोच के मैं इतराता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँ

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