
विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अनेक छात्रों ने मकानों से कोचिंग संस्थान चलाये जाने के मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट से अपना पक्ष सुने जाने की मांग की है और कहा है कि इस संबंध में कोई भी निर्णय उनके भविष्य को प्रभावित करने वाला होगा.
उत्तरी दिल्ली में औट्रम लाइन्स, किंग्सवे कैंप और मुखर्जी नगर में अनेक कोचिंग संस्थानों से तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष आवेदन दाखिल किया है.
पीठ इस मामले पर नौ अक्तूबर को सुनवाई कर सकती है जब आवासीय संपत्तियों से कोचिंग सेंटर चलाने के विरुद्ध मुख्य याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है.
पांच छात्रों के एक समूह ने अपने आवेदन में दावा किया कि वे पहले ही कोचिंग संस्थानों को पूरा शुल्क अदा कर चुके हैं और उनमें से एक भी बंद होता है या एमसीडी उसे सील कर देती है तो उन्हें बहुत परेशानी होगी क्योंकि वे सिविल परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.
उत्तरी दिल्ली में औट्रम लाइन्स, किंग्सवे कैंप और मुखर्जी नगर में अनेक कोचिंग संस्थानों से तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष आवेदन दाखिल किया है.
पीठ इस मामले पर नौ अक्तूबर को सुनवाई कर सकती है जब आवासीय संपत्तियों से कोचिंग सेंटर चलाने के विरुद्ध मुख्य याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है.
पांच छात्रों के एक समूह ने अपने आवेदन में दावा किया कि वे पहले ही कोचिंग संस्थानों को पूरा शुल्क अदा कर चुके हैं और उनमें से एक भी बंद होता है या एमसीडी उसे सील कर देती है तो उन्हें बहुत परेशानी होगी क्योंकि वे सिविल परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.
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