प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) पर एक ई-कॉन्क्लेव को आज संबोधित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति पर विस्तार से जानकारी दी और बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में ये बहुत बड़ा बदलाव है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) पर आयोजित ई-कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब मकसद के साथ एजुकेशन की जरूरत है. साथ ही उन्होंने कहा कि अब तक एजुकेशन सिस्टम वॉट टू थिंक (What To Think) पर आधारित था, जबकि नई व्यवस्था में हाउ टू थिंक (How To Think) पर जोर दिया गया है.
पीएम मोदी ने कहा, ''अभी तक जो हमारी शिक्षा व्यवस्था है, उसमें What to Think पर फोकस रहा है. जबकि इस शिक्षा नीति में How to think पर बल दिया जा रहा है. ये मैं इसलिए कह रहा हूं कि आज जिस दौर में हम हैं, वहां Information और Content की कोई कमी नहीं है.''
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इसके अलावा पीएम मोदी ने स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर कहा, ''इस बात में कोई विवाद नहीं है कि बच्चों के घर की बोली और स्कूल में पढ़ाई की भाषा एक ही होने से बच्चों के सीखने की गति बेहतर होती है. ये एक बहुत बड़ा कारण है, जिसकी वजह से जहां तक संभव हो 5th class तक बच्चों को उनकी मातृभाषा में ही पढ़ाने पर सहमति दी गई है. इससे बच्चों की नींव मजबूत होगी.''
पीएम मोदी ने कहा कि हर विद्यार्थी को ये मौका मिलना चाहिए कि वो अपना पैशन फॉलो कर सके. उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि जो पढ़ाई बच्चा करता है वो जॉब में काम नहीं आता है. लेकिन अब जो मल्टीपल एंट्री/एग्जिट व्यवस्था लागू की गई है उससे बच्चे मनमर्जी के मुताबिक पढ़ाई से ब्रेक ले सकेंगे और अपने इंटरेस्ट के हिसाब से आगे बढ़ते रहेंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि बच्चे अपनी सुविधा और ज़रूरत के हिसाब से किसी डिग्री या कोर्स को फॉलो कर सकते हैं और अगर उनका मन करे तो वो छोड़ भी सकते हैं.
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