भारतीय ज्ञान प्रणाली में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए IIT Gandhinagar लाया नया कोर्स, पढ़ें डिटेल

IIT Gandhinagar : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गांधीनगर छात्रों के लिए एक बेहद ही अनोखा कोर्स शुरू किया है. कोर्स का नाम  'प्रीकलोनियल लिटरेचर (Precolonial Literatures)' है. भारतीय ज्ञान प्रणाली और संस्कृतिक धरोहरों में रूचि रखने वाले छात्र इस कोर्स को कर सकते हैं.

भारतीय ज्ञान प्रणाली में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए IIT Gandhinagar लाया नया कोर्स, पढ़ें डिटेल

नई दिल्ली:

IIT Gandhinagar : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गांधीनगर छात्रों के लिए एक बेहद ही अनोखा कोर्स शुरू किया है. पांच सफल सत्रों के बाद, IIT गांधीनगर का मानविकी और सामाजिक विज्ञान (HSS) विभाग अपने छठे सत्र में  'प्रीकलोनियल लिटरेचर (Precolonial Literatures)' कोर्स  लेकर आया है. Precolonial Literatures यानी पूर्व औपनिवेशिक साहित्य, ये कोर्स भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित है. भारतीय ज्ञान प्रणाली और संस्कृतिक धरोहरों में रुचि रखने वाले छात्र इस कोर्स को कर सकते हैं. बता दें कि ये कोर्स नॉन आईआईटीअन्स के लिए हैं. संस्थान ने इस कोर्स के बारे में विज्ञाप्ति जारी कर बताया है.

संस्थान ने बताया कि ये कोर्स हाइब्रिड मोड में होगा और इसकी कक्षाएं 13 जनवरी, 2022 से शुरू हो गई हैं. Precolonial Literatures की कक्षाएं हफ्ते में दो दिन यानी गुरुवार और शुक्रवार को होंगी. इसकी टाइमिंग शाम 5 बजे से 6 बजे है. इसकी पढ़ाई जनवरी से अप्रैल तक होगी. इतना ही नहीं छात्र इसकी पढ़ाई आईआईटी गांधीनगर के यू-ट्यूब चैनल से लाइव भी कर सकेंगे. विज्ञाप्ति में बताया गया कि कोर्स के संबंध में नए अपडेट और जानकारियों को छात्र आईआईटी गांधीनगर (IIT Gandhinagar) की वेबसाइट से देख और जान सकेंगे. 

आईआईटी गांधीनगर के अनुसार ये कोर्स भारत के समृद्ध साहित्य पर केंद्रित है, जो कई Millennium से पहले का है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'पूर्व-औपनिवेशिक भारत में संस्कृत भाषा से लेकर सैकड़ों क्षेत्रीय भाषाओं की एक बड़ी विविधता थी, बल्कि इसमें विषयों, साहित्यिक तकनीकों और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यों की अधिकता भी शामिल थी. इस साहित्य परिदृश्य ने भारतीय महाद्वीप को सभी स्तरों पर गहराई से प्रभावित किया और भारतीय सभ्यता को आकार देने में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.' 


भारतीय ज्ञान प्रणाली के विचार को बताते हुए, प्रोफेसर मिशेल डैनिनो, विजिटिंग प्रोफेसर, एचएसएस, आईआईटीजीएन ने कहा, 'भारतीय साहित्य विशाल है.यह दुनिया के सबसे विशाल साहित्य में से एक है, इसके महाकाव्य, दर्शन और आध्यात्मिकता के ग्रंथ, नाटक, काव्य रचनाएं, कहानियों के भंडार, लोककथाएं, चिकित्सा, गणित, खगोल विज्ञान, वास्तुकला, शासन पर तकनीकी ग्रंथ शामिल हैं.'

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ऐसे लें दाखिला

इस कोर्स में एडमिशन पाने के लिए छात्रों को आईआईटी गांधीनगर (IIT Gandhinagar) की वेबसाइट  iitgn.ac.in. पर जाना होगा और आवेदन ऑनलाइन करना होगा