रंगन बनर्जी आईआईटी दिल्ली के नए निदेशक होंगे, अन्य आईआईटी को भी मिले नए डायरेक्टर

आईआईटी कानपुर के इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहेरा आईआईटी मंडी के अगले निदेशक बनाया गया है. भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर को डिजाइन करने वाले आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर वी कामकोटि को संस्थान का निदेशक नियुक्त किया गया है.

रंगन बनर्जी आईआईटी दिल्ली के नए निदेशक होंगे, अन्य आईआईटी को भी मिले नए डायरेक्टर

IIT DELHI के निदेशक बनाए गए आईआईटी बांबे के प्रोफेसर रंगन बनर्जी

नई दिल्ली:

आईआईटी दिल्ली, मद्रास, मंडी और इंदौर के नए  निदेशकों की सोमवार को नियुक्ति की की घोषणा की गई. आईआईटी बांबे के प्रोफेसर रंगन बनर्जी को आईआईटी दिल्ली का निदेशक बनाया गया है. आईआईटी बांबे के प्रोफेसर रंगन बनर्जी को आईआईटी दिल्ली का निदेशक नियुक्त किया गया है. आईआईटी बांबे में एल्युमनी और कॉरपोरेट रिलेशंस के डीन सुहास जोशी को आईआईटी इंदौर का डायरेक्टर बनाया गया है.आईआईटी कानपुर के इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहेरा आईआईटी मंडी के अगले निदेशक बनाया गया है.

भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर को डिजाइन करने वाले आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर वी कामकोटि को संस्थान का निदेशक नियुक्त किया गया है. प्रोफेसर कामकोटि ने भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ‘शक्ति' को डिजाइन किया था. आईआईटी मद्रास के मौजूदा निदेशक प्रोफेसर भास्कर रामामूर्ति की जगह लेंगे. रामामूर्ति के कार्यकाल में आईआईटी मद्रास लगातार तीन साल तक ओवरऑल कैटेगरी में शीर्ष पर रहा है. उसे सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग संस्थान की नंबर वन रैंकिंग भी मिली थी.

प्रोफेसर एमेटरिटस और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. रघुवेंद्र तंवर को भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर), नई दिल्ली का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. विश्वविद्यालय ने सोमवार को यह जानकारी दी है. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने प्रो. तंवर को बधाई दी है.सचदेवा ने कहा कि यह वाकई पूरी कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के लिए बड़े सम्मान की बात है कि प्रो. तंवर को आईसीएचआर अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

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यूनिवर्सिटी के बयान में कहा गया है कि पिछले सप्ताह जारी की गई केंद्र सरकार की गजट अधिसूचना के अनुसार आईसीएचआर के रूप में प्रो तंवर का कार्यकाल उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन सालों के लिए होगा. प्रो. तंवर ने 42 सालों तक कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग में अपनी सेवा दी तथा वह अध्यक्ष , डीन ऑफ फैकल्टी, डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर एवं प्रोफेसर एमेरिटस जैसे अहम पदों पर रहे हैं.