- वंदना मीणा, राजस्थान के कसी गांव की निवासी, गुजरात के वलसाड में जिला विकास अधिकारी नियुक्त हुई हैं
- वंदना मीणा ने यूपीएससी 2021 परीक्षा में AIR 331वीं प्राप्त कर आईएएस सेवा में प्रवेश किया था
- DU से गणित ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की और यूपीएससी की तैयारी में रोजाना पंद्रह से सोलह घंटे पढ़ाई की
IAS Vandana Meena Success Story: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की गंगापुर तहसील के टोकसी गांव की बेटी और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी वंदना मीणा ने गुजरात के वलसाड जिले में जिला विकास अधिकारी का कार्यभार संभाल लिया है. उनकी नियुक्ति को न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि यह ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली युवतियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है. गुजरात सरकार ने बीते दिनों बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 17 आईएएस अधिकारियों का तबादले किए थे. 2022 बैच की आईएएस वंदना मीणा को परियोजना प्रशासक, ट्राइबल एरिया सब प्लान, महिसागर से जिला विकास अधिकारी, वलसाड पद पर नियुक्त किया था.
गांव से दिल्ली और फिर आईएएस तक का सफर
वंदना मीणा मूल रूप से राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की गंगापुर सिटी तहसील के टोकसी गांव की रहने वाली हैं. बचपन के शुरुआती वर्ष गांव में बिताने के बाद वह अपने परिवार के साथ दिल्ली चली गई थीं. उनके पिता पृथ्वीराज मीणा दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि माता संपति देवी गृहिणी हैं. शैक्षणिक जीवन से ही वंदना पढ़ाई में मेधावी रहीं. उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा गंगापुर सिटी के ज्ञान रश्मि सीनियर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल से आगे की पढ़ाई की. वंदना ने दिल्ली विश्वविद्यालय के आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज से गणित ऑनर्स में स्नातक की डिग्री हासिल की.

वंदना मीणा मूल रूप से राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की गंगापुर सिटी तहसील के टोकसी गांव की रहने वाली हैं.
UPSC की तैयारी में रोजाना 15-16 घंटे पढ़ाई
वंदना मीणा की सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और अनुशासन रहा. उनका मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान वह कई महीनों तक प्रतिदिन 15 से 16 घंटे तक अध्ययन करती थीं. सामान्य दिनों में भी उनका अध्ययन समय करीब 10 घंटे प्रतिदिन रहता था. उनकी इसी लगन का परिणाम रहा कि उन्होंने वर्ष 2021 की संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 331वीं रैंक हासिल कर आईएएस सेवा में जगह बनाई.
गांव की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
यूपीएससी में सफलता मिलने के बाद जब वंदना अपने पैतृक गांव टोकसी पहुंची थीं तो ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया था. परिवार और ग्रामीणों ने उनके सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए थे. आज भी वह क्षेत्र की छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जाती हैं. सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से भी वह युवाओं के साथ अपने अनुभव साझा करती रहती हैं. वलसाड में जिला विकास अधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही एक बार फिर वंदना मीणा चर्चा में हैं. ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रशासनिक सेवा के शीर्ष पदों तक पहुंचने की उनकी कहानी मेहनत, शिक्षा और दृढ़ संकल्प का उदाहरण बन चुकी है.
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