यह ख़बर 02 जुलाई, 2013 को प्रकाशित हुई थी

साझा खाता : केवल चैक पर हस्ताक्षर करने वाले के खिलाफ हो कार्रवाई

खास बातें

  • उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि किसी साझा खाते से जारी चैक के बाउंस होने पर सभी खाताधारकों के खिलाफ मामला नहीं चलाया जा सकता अगर उन्होंने उसपर हस्ताक्षर नहीं किए।
नई दिल्ली:

उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि किसी साझा खाते से जारी चैक के बाउंस होने पर सभी खाताधारकों के खिलाफ मामला नहीं चलाया जा सकता अगर उन्होंने उसपर हस्ताक्षर नहीं किए।

इस व्यवस्था के अनुसार ऐसे खाते से चैक बाउंस होने पर केवल उसी व्यक्ति या धारक के खिलाफ मामला चलेगा जिसने हस्ताक्षर किए हों।

न्यायाधीश पी सतशिवम तथा न्यायाधीश जेएस केहर की पीठ ने कहा ने कहा कि अगर किसी साझा खाते से जारी चैक पर सभी खाताधारकों के हस्ताक्षर नहीं होते हैं तो सभी खाताधारकों के खिलाफ अभियोजन नहीं चलाया जा सकता।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

इस मामले में वादी महिला ने अपने साझे बैंक खाते से पति द्वारा जारी चैक के बाउंस होने पर जारी सम्मन को चुनौती दी थी। बंबई उच्च न्यायालय ने इस बारे में निचली अदालत द्वारा वादी तथा उसके पति को जारी सम्मन को खारिज करने से इनकार किया था।