एयर टिकट की कीमत से बंदिश हटाने के बाद घरेलू एयरलाइनों के शेयरों में आया उछाल

कोरोना महामारी के बाद हवाई यात्रा पर प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद टिकट की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि को रोकने के लिए सरकार ने उड़ान की अवधि के आधार पर टिकट की कीमतों पर न्यूनतम और अधिकतम बैंड लगाया था. लेकिन अब उसे हटा लिया गया है. 

एयर टिकट की कीमत से बंदिश हटाने के बाद घरेलू एयरलाइनों के शेयरों में आया उछाल

सरकार ने उड़ान की अवधि के आधार पर टिकट की कीमतों पर न्यूनतम और अधिकतम बैंड लगाया था.

नई दिल्ली:

घरेलू हवाई किराए पर लगाई गई सीमा लगभग 27 महीने के अंतराल के बाद 31 अगस्त से हटा दी जाएंगी. केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार यह जानकारी दी. सरकार के इस फैसले के बाद भारतीय घरेलू एयरलाइनों के शेयरों में गुरुवार को तेजी आई. टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के बीच एक ज्वाएंट वैंचर के तहत घरेलू एयरलाइंस इंडिगो, स्पाइसजेट लिमिटेड, एयर इंडिया, गो फर्स्ट और विस्तारा अब स्वतंत्र रूप से टिकट की कीमत तय कर सकते हैं.

रॉयटर्स के मुताबिक शीर्ष एयरलाइन इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के शेयर 2.3 फीसदी बढ़कर 2,084.6 रुपये प्रति शेयर हो गए, जबकि उसकी प्रतिद्वंद्वी स्पाइसजेट लिमिटेड 7 फीसदी की छलांग लगाकर 47.9 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गई.

मालूम हो कि कोरोना महामारी के बाद हवाई यात्रा पर प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद टिकट की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि को रोकने के लिए सरकार ने उड़ान की अवधि के आधार पर टिकट की कीमतों पर न्यूनतम और अधिकतम बैंड लगाया था. लेकिन अब उसे हटा लिया गया है. 

आगामी फेस्टिव सीजन से हवाई यात्रा की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. यात्रियों की संख्या पहले से ही पूर्व-सीओवीआईडी ​​​​स्तर को छू रही है. वहीं, अकासा एयर के लॉन्च और जेट एयरवेज के पुनरुद्धार के साथ भारतीय विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेज होने की उम्मीद है. ईंधन की बढ़ती कीमत अब भी एक समस्या बनी हुई है.
 
गौरतलब है कि उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट किया, ‘‘हवाई किराए की सीमा को हटाने का फैसला दैनिक मांग और विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों के सावधानीपूर्वक विश्लेषण के बाद लिया गया है. स्थिरता आने लगी है और हमें भरोसा है कि यह क्षेत्र निकट भविष्य में घरेलू यातायात में वृद्धि के लिए तैयार है.''

उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को एक आदेश में कहा कि घरेलू परिचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने के बाद किराए की सीमा को 31 अगस्त 2022 से खत्म करने का फैसला किया गया. रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद एटीएफ की कीमते पिछले कुछ हफ्तों के दौरान नीचे आई हैं. 

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