नई दिल्ली: नए कालाधन कानून के तहत अगले वित्त वर्ष से कर विभाग के सवालों का जवाब नहीं देने पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। इस कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है।
अघोषित विदेशी आय और आस्ति (कराधान) विधेयक, 2015 में न्यूनतम 50,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा टैक्स अधिकारी विदेशों में जमा संदिग्ध काले धन की जांच के मामले में लोगों को समन या ई-मेल के जरिये नोटिस भेज सकेंगे या फैक्स के जरिये सूचना मांग सकेंगे। इस कानून को मंगलवार को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली है और यह 1 अप्रैल, 2016 से प्रभाव में आएगा।
अघोषित विदेशी आय और परिसंपत्तियों की समस्या से निपटने से संबद्ध इस कानून को राज्यसभा ने 13 मई को पारित किया था। इससे दो दिन पहले लोकसभा ने इसे मंजूरी दी थी। इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति बिना किसी उचित कारण के उससे पूछे गए सवालों का जवाब देने में विफल रहता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
यदि वह व्यक्ति कार्रवाई के दौरान किसी बयान पर दस्तखत करने में विफल रहता है या फिर उसे भेजे गए समन के जवाब में उपस्थित होने या बही-खाते अथवा दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराता है, तो भी उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।