यह ख़बर 14 अक्टूबर, 2014 को प्रकाशित हुई थी

ज्यादा कीमत वसूलने के मामले में नोवार्टिस पर 300 करोड़ रु का जुर्माना

नई दिल्ली:

औषधि बाजार नियामक एनपीपीए ने नोवार्टिस पर एक दवा के अनुचित रूप से ऊंचा मूल्य वसूलने के आरोप में 300 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली दर्द निवारक दवा वोवरैन पर उपभोक्ताओं से अधिक मूल्य वसूलने के मामले में की गई है।

स्विस दवा कंपनी ने यह पुष्टि नहीं की है कि राष्ट्रीय भेषज मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) द्वारा उस पर कुल कितना जुर्माना लगाया गया है। कंपनी ने कहा कि यह नोटिस 'गलत और पूरी तरह से भ्रामक' है।

उद्योग सूत्रों के मुताबिक, कंपनी पर एनपीपीए द्वारा 300 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया है। नोवार्टिस की वोवरैन दवा डिक्लोफेनैक पर आधारित है जो भारत में प्रत्यक्ष मूल्य नियंत्रण व्यवस्था के अधीन है।

नोवार्टिस इंडिया लिमिटेड ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में बताया, 'कंपनी को एनपीपीए से एक नोटिस मिला है और वह इसका उचित जवाब देगी। नोवार्टिस का मानना है कि कारण बताओ नोटिस गलत और पूरी तरह से भ्रामक है।'

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'कंपनी इस मांग के आधार को और मांगी गई संपूर्ण राशि दोनों को ही चुनौती देगी।' कंपनी ने कहा कि उसने दिल्ली उच्च न्यायालय में पहले ही मामला दायर कर दिया है और अब यह न्यायालय के विचाराधीन है।